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हाई हील्स पहनने के नुकसान –  Side Effects of Wearing High Heels in Hindi

हाई हील्स पहनने के नुकसान

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। आज का आर्टिकल महिलाओं के लिए समर्पित है। जब भी ग्लैमर, मेकअप, सुन्दरता का नाम आता है तो जेहन में एक सजी संवरी महिला की आकृति उभरती है। यद्यपि पुरुषों का भी इस क्षेत्र में वर्चस्व रहा है। इस ग्लैमर में चार चांद लगाती है हाई हील्स वाली सैंडल। हाई हील्स वाली सैंडल खुद अपने आप में इतनी सुन्दर होती है कि इस पर हर महिला का दिल आ जाता है। मगर इसको पहनकर चलना हर किसी महिला के लिए आसान नहीं होता। फैशन, ग्लैमर, आउटलुक, सुन्दरता ये सब बातें तो आसानी से समझ में आती हैं मगर हाई हील्स वाली सैंडल किस प्रकार शरीर का नुकसान पहुंचाती है, यह बात हर किसी को समझ नहीं आती या कोई समझना नहीं चाहती या समझकर भी साइड इफैक्ट्स को इग्नोर करती है। यही है हमारा आज का टॉपिक “हाई हील्स पहनने के नुकसान”। 

देसी हैल्थ क्लब आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हाई हील्स पहनने के नुकसान के बारे में बताएगा और यह भी बताएगा कि इसके फायदे क्या होते हैं। मगर सबसे पहले एक स्पष्टीकरण। फिर जानते कि हाई हील्स किसे कहते हैं?

स्पष्टीकरण – The Explanation

सबसे पहले देसी हैल्थ क्लब स्पष्ट करता है कि हम किसी विशेष वस्तु के रूप, रंग, आकार, गुण आदि का कुप्रचार नहीं कर रहे। इस आर्टिकल को लिखने का उद्देश्य केवल मात्र, स्वास्थ की दृष्टि से हाई हील्स से होने वाले शारीरिक नुकसान के बारे में अवगत कराना है।  

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हाई हील किसे कहते हैं? – What is a High Heel?

हम यहां स्पष्ट कर दें कि हाई हील से हमारा तात्पर्य महिलाओं के लिए बनी सैंडल से है। सामान्यतः सैंडल के तले (एड़ी वाला भाग) की ऊंचाई एक इंच से कम होती है जोकि एकदम आरामदायक होती है, इसमें पीठ और नितम्ब, शरीर के संरेखण (Alignment) में ही रहते हैं। मगर जब सैंडल के तले (एड़ी वाला भाग) की ऊंचाई, सतह से एक इंच से अधिक हो जाए तो इसे हाई हील कहा जाता है। 

यद्यपि एक इंच ऊंचाई से लेकर तीन इंच ऊंचाई वाली सैंडल को आरामदायक समझा जा सकता है, इनको पहनकर ज्यादातर महिलाएं इन्हें आसानी से चल पाती हैं। परन्तु तीन इंच से अधिक ऊंचाई वाली सैंडल विशेषकर पांच और छः इंच, को सुविधाजनक नहीं होती, इनको पहनकर चलना भी आसान नहीं होता और इनका निगेटिव इफैक्ट भी बहुत ज्यादा पड़ता है। 

एक से तीन इंच ऊंचाई वाली सैंडल से पीठ और नितम्ब, शरीर के संरेखण से बाहर आ जाते हैं और शरीर के मध्य भाग का वजन आगे आ जाता है जिससे शरीर के संतुलन को नियंत्रित कर पाना मुश्किल होता है। एक इंच ऊंची हील की अपेक्षाकृत तीन या अधिक इंच ऊंची हील का पैरों पर सात गुणा अधिक दबाव पड़ता है इसका विवरण निम्न प्रकार है –  

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(i) एक इंच ऊंची हील : 22 प्रतिशत वजन 

(ii) दो इंच ऊंची हील : 57 प्रतिशत वजन 

(iii) तीन इंच ऊंची हील : 76 प्रतिशत वजन 

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हाई हील्स के शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव – Effects of High Heels on the Body

हाई हील्स सैंडल पहनने से शरीर के कौन से हिस्से प्रभाव पड़ता है, इसका विवरण निम्न प्रकार है – 

1. टखने के जोड़ (Ankle Joint)- हाई हील्स सैंडल पहनने से टखने के जोड़ों में गति सीमित हो जाती है जो अकिलिस टेंडन (Achilles tendon) की वजह बन सकती है। नतीजा एड़ी के पिछले हिस्से में दर्द, सूजन और गति में कमी।

2. पैर का अंगूठा और उंगलियां (Toe and Fingers)- हाई हील्स यदि आगे से बंद है तो समझिए पैर का अंगूठा और उंगलियां इससे बुरी तरह प्रभावित हो जायेंगे। इससे पैर के अंगूठे में गोखरू हो सकता है। उंगलियां नीचे की ओर भिंची रहेंगी ठीक उसी प्रकार जब कार सीट पर तीन के बजाए चार लोग बैठ जाएं तो हर कोई भिंचता है और अनकंफ़र्ट महसूस करता है। 

3. रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord)- रीढ़ की हड्डी में प्राकृतिक लचक और कोमलता होती है परन्तु हमें एकदम सीधा रखने में मदद करती है। परन्तु जब इस पर दबाव पड़ता है तो यह आगे की ओर झुक जाती है। यही हाल हाई हील्स पहनने से होता है। दबाव पड़ने पर यह प्रभावित होती है और यह आगे की और झुक जाती है। नतीजा मांसपेशियों और कमर में दर्द। इससे फोरामिनल स्टेनोसिस की समस्या हो सकती है।

4. नितम्ब (Buttocks)- हाई हील्स पहनने पर एड़ियां ऊपर की ओर उठ जाती हैं। इस स्थिति में संतुलन बनाए रखने के लिए नितम्ब प्रभावित होते हैं। नितम्बों के फ्लेक्सर्स को अधिक फ्लेक्स करना पड़ता है। नतीजा नितम्बों में दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव होना स्वाभाविक है।

5. घुठने (Knees)- हाई हील्स पहनने पर जब झुकाव आगे की ओर आता है तो वजन घुठनों की ओर बढ़ता है। घुठनों पर सामान्य से अधिक भार पढ़ता है इससे जोड़ों में कठोरता, दर्द, गति का ह्रास जैसी समस्या बनती है।  ऑस्टियोआर्थराइटिस भी हो सकता है। 

हाई हील्स किनको पहननी पड़ती है – Who Has to Wear High Heels

निम्नलिखित क्षेत्रों/व्यवसाय में महिलाओं को मजबूरी में हाई हील्स पहननी पड़ती है –

  • एयरहोस्टेस
  • मल्टीनेशनल कंपनीज़ में किसी विशेष विभाग में काम करने वाली महिलाएं।
  • प्राइवेट ऑफिस/कंपनीज़ में रिसेप्सनिस्ट
  • बड़े-बड़े होटलों में रिसेप्सनिस्ट या अन्य विभाग में काम करने वाली महिलाएं।
  • बार में शराब/बीयर सर्व करने वाली महिलाएं।
  • शादी, समारोहों में शराब/बीयर सर्व करने वाली महिलाएं।
  • शादी, समारोह या अन्य ईवेंट्स ऑर्गनाइज करने वाली अधिकतर महिलाएं।
  • अधिकतर मेकअप आर्टिस्ट महिलाएं।

कुछ सावधानियां – Some Precautions

हम बता रहे हैं हाई हील्स के बारे में कुछ सावधानियां जो निम्न प्रकार हैं :-

1. अपने पैरों के सही आकार की हाई हील्स खरीदें। इसके लिए दोपहर का समय उचित होता है क्योंकि दोपहर को पैरों का आकार सबसे बड़ा होता है।

2. तीन इंच तक की हाई हील्स खरीदें, इससे ज्यादा की हील्स को अवॉइड करें। आगे से खुली हुई हाई हील्स खरीदें इससे पैर की ऊंगलियों को थोड़ा राहत मिलेगी। 

3. पाइंटिड हाई हील्स पहनने को अवॉइड करें।

4. रोज अलग-अलग शेप के फुटवीयर पहनें।

5. लंबे समय तक हाई हील्स पहनने को अवॉइड करें।

6. यदि आपका काम ऐसा है कि जिसमें आप चेयर पर बैठती हैं तो आप हाई हील्स उतार कर रहें, पहनकर नहीं।

7. यदि आप एयरहोस्टेस हैं या थोड़ा बहुत चलने फिरने का काम है तो आप जब भी समय मिले हाई हील्स उतार दें।

8. हाई हील्स पहनने से पहले और इनको उतारने के बाद पैर की मांसपेशियों से संबंधित एक्सरसाइज करें।

हाई हील्स पहनने के नुकसान – Side Effects of Wearing High Heels

और अब हाई हील्स सैंडल पहनने के नुकसान जो निम्न प्रकार हैं –

1. लिगामेंट कमजोर होने का खतरा (Risk of Ligament Weakening)- नियमित रूप से हाई हील्स पहनने से लिंगामेंट कमजोर होने का खतरा रहता है। परिणाम स्वरूप बढ़ती उम्र के साथ घुटनों में, टखने में, पैरों में, गर्दन, रीढ़ की हड्डी में दर्द रहने लगता है। लिगामेंट फाइबर्स टिशूज़ का बना बहुत मजबूत बैंड होता है जो हड्डी को हड्डी से और हड्डियों को कार्टिलेज से जोड़ता है। 

परन्तु इस बहुत ज्यादा दबाव पड़ने पर या चोट लगने पर यह टूट जाता है इसे लिगामेंट इंजरी या लिगामेंट टीयर कहते हैं। इसके टूटने पर बहुत तेज दर्द होता है। हाई हील्स पहनने पर शरीर के वजन का दबाव, पीठ के नीचे के हिस्से पर, घुटनों पर, पैर के पंजों पर पड़ता है जिससे लिंगामेंट के क्षति होने की संभावना रहती है। 

2. भाग नहीं सकतीं (Can’t Run)- यदि आपातकाल (Emergency) में भाग कर जान बचाई जा सकती है तो भागना चाहिए। मगर विडम्बना यह है कि हाई हील्स सैंडल पहनकर कोई भी महिला भाग नहीं सकती और जब इमरजेंसी आती है जैसे कि आग लग जाना या भगदड़ मच जाना, भूकम्प आ जाना आदि, तो इतना वक्त नहीं मिल पाता कि सैंडल उतार ली जाएं। यह सबसे बड़ा निगेटिव इफैक्ट है। 

3. रक्त संचालन प्रभावित होता है (Blood Circulation is Affected)- जब तक महिला हाई हील्स पहनकर रहती है, इसके पैरों की, पैरों के अंगूठे और उंगलियों की शेप बिगड़ी हुई रहती है। इससे पैरों की हड्डियों और उंगलियों में दबाव और तनाव बढ़ता है रक्त वाहिकाएं मुड़-तुड़ जाती हैं या सिकुड़ जाती हैं। परिणाम स्वरूप रक्त का संचालन ठीक से नहीं हो पाता, रक्त के प्रवाह में रुकावट आती है यह सुचारु रूप से पैरों तक नहीं पहुंच पाता। नतीजा पैरों में असुविधा महसूस होने लगती है और इनमें तेज दर्द होने लगता है।

4. पैर की पिंडलियों में दर्द (Calf Pain)- हाई हील्स की वजह से पैरों की पिंडलियां प्रभावित होती हैं। इन पर दबाव पड़ता है जिससे पैरों पर कसाव बनता है। इनकी मांसपेशियों की नसें फूल जाती हैं जिससे पिंडलियां में तेज दर्द होता है। पैरों को टोंड रखने के लिए हाई हील्स को अवॉइड करना चाहिए। 

5. रीढ़ की हड्डी में दर्द (Spinal Pain)- हाई हील्स पहनने पर संतुलन बनाए रखने के लिए शरीर का ऊपरी हिस्सा 15° तक आगे की ओर झुक जाता है और नीचे का हिस्सा पीछे की ओर यानि एकदम गलत Alignment। इससे रीढ़ की हड्डी डिस्टर्ब होने लगती है इसका प्राकृतिक आकार बिगड़ने लगता है। परिणाम स्वरूप रीढ़ की हड्डी में दर्द बन जाता है। 

6. कमर में दर्द (Back Pain)- जैसा कि हमने ऊपर बताया कि हाई हील्स पहनने पर शरीर के ऊपरी हिस्से का झुकाव 15° तक जाता है तो नितम्ब अपने-आप पीछे की ओर निकल जाते हैं यानि बीच के हिस्से पर दबाव आ जाने से ये बुरी तरह प्रभावित होते हैं। इससे कमर में गंभीर दर्द बन जाता है, मांसपेशियां बुरी तरह अकड़ जाती हैं और इनमें सूजन भी आ जाती है। 

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7. नितम्बों में दर्द (Buttock Pain)- हमने ऊपर जिक्र किया है कि नितम्बों के फ्लेक्सर्स को अधिक फ्लेक्स करना पड़ता है। क्योंकि हाई हील्स पहनने से एड़ियां बहुत ऊपर उठ जाती हैं। चलते समय संतुलन बनाए रखने के लिए फ्लेक्सर्स को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, इन पर स्ट्रेन आता है। स्ट्रेन आने पर नितम्ब की कोई मांसपेसी फट जाती है तो नितम्बों में दर्द होने लगता है और मांसपेशियां खिंचने लगती हैं। 

हम बता दें कि कूल्हे के सामने की ओर मांसपेशियों के समूह को हिप फ्लेक्सर्स कहा जाता है। ये फ्लेक्सर्स पैर और घुटने को शरीर की ओर ले जाने यानि चलने या फ्लेक्स करने में मदद करते हैं। किसी भी प्रकार का स्ट्रेन पड़ने पर इन मांसपेशियों में खिंचाव आता है या ये फट जाती हैं।  

8. घुटनों के जोड़ों में दर्द (Knee Joint Pain)- हमने ऊपर बताया है कि हाई हील्स सैंडल पहनने से टखने के जोड़ों में गति सीमित हो जाती है। इसका तात्पर्य यह है कि जब हम सामान्य रूप से चलते हैं तो घुटनों पर दबाव सामान्य रहता है और शरीर का वजन संतुलित। 

परन्तु जब घुटनों पर पड़ने वाला दबाव सामान्य से अधिक हो जाए और शरीर का वजन संतुलित करने के लिए अलग से प्रयास करना पड़े तो घुटनों के मूवमेंट की गति प्रभावित होकर सीमित रह जाती है। इससे घुटनों के दर्द बनता है और ऑस्टियोआर्थराइटिस रोग की संभावना रहती है। 

9. पैरों में दर्द (Leg Pain)- यह तो हम सभी अच्छी तरह जानते हैं कि सामान्य जूता, चप्पल, सैंडल पहनने पर पैर की स्थिति सामान्य रहती है और हाई हील्स पहनकर पैर की स्थिति क्या हो जाती है। तो, पैरों की स्थिति असामान्य और असुविधाजनक होने पर पैरों में दर्द निश्चित रूप से होगा ही होगा।

ना केवल पैर की स्थिति बल्कि पैर पर पड़ने वाला बेतरतीब दबाव व कसाव पैरों में दर्द का कारण बनेंगे ही बनेंगे क्योंकि हाई हील्स का अपना निश्चित आकार होता है और इसी आकार में पैरों को फिट करना होता है। 

10. एड़ियों में दर्द (Ankle Pain)- हमने ऊपर बताया है कि हाई हील्स पहनने से पैरों की स्थिति असामान्य और असुविधाजनक हो जाती है जिससे पैरों में दर्द होता है। इसी प्रकार एड़ियों की असामान्य और असुविधाजनक स्थिति में रहती हैं जिससे एड़ियों में तेज दर्द होने लगता है। 

11. उंगलियों में हाइपरटेंशन और हैमर टो (Hypertension and Hammer toe in Fingers)- यह अजीब सा लगता है कि उंगलियों में हाइपरटेंशन! परन्तु ये सच है। रोजाना और लंबे समय तक हाई हील्स पहनने से पैरों की उंगलियों में अकड़न और दर्द रहने लगता है जो स्थायी रुप से हाइपरटेंशन की समस्या बन सकती है और यह समस्या स्थायी रूप से समाप्त भी नहीं होती है। जहां तक हैमर टो की बात है तो यह समझ लीजिए कि टाइट जूते और सैंडल पहनने से हैमर टो की समस्या होती है। 

इसमें उंगलियां सीधी रहने की अपेक्षा आगे की ओर झुक जाती हैं। यह समस्या दूसरी, तीसरी और चौथी उंगली में होती है। यदि हाई हील्स आगे से बंद है और थोड़ा टाइट भी है तो हैमर टो होने की समस्या की संभावना बनी रहती है। 

12. मोच आने का खतरा (Risk of Sprain)- चूंकि चलने के लिए समतल स्थान हर जगह नहीं मिल पाता इसलिये गिरने पर पैर में मोच आने का खतरा रहता है। यह खतरा उस समय और बढ़ जाता है जब तीन इंच से ज्यादा की हील हो या कहीं ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर चलना पड़ जाए। 

ऐसे में मोच की सघनता (Density) और बढ़ जाती है। गिर जाने पर खुद उठना भी मुश्किल पड़ जाता है। इसके अतिरिक्त गिरने से शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट आती है जैसे कि कोहनी, हाथ, हथेली, घुटना आदि। 

हाई हील्स पहनने के फायदे – Benefits of Wearing High Heels

हाई हील्स पहनने के यदि नुकसान हैं तो कुछ फायदे भी हैं जो निम्न प्रकार हैं – 

1. हाई हील्स महिला के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करती हैं जिससे महिला किसी भी पार्टी, फंक्शन, ऑफिस तथा सार्वजनिक जगहों पर आत्मविश्वास से भरी हुई नज़र आती है।

2. हाई हील्स पर्सनलिटी में निखार लाती है और अधिक आकर्षक बनाती है।

3. हाई हील्स पहनने से महिला की हाइट ऊंची लगती है जिससे उसका लुक ग्लैमरस और हॉट दिखता है।

4. हाई हील्स पहनने से पैर लंबे नज़र आते हैं।

5. चाल में सेक्सी लगती है। 

Conclusion – 

आज के आर्टिकल में हमने आपको हाई हील्स पहनने के नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सबसे पहले स्पष्टीकरण दिया। फिर, हाई हील किसे कहते हैं, हाई हील्स के शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव, हाई हील्स किनको पहननी पड़ती है, कुछ सावधानियां और हाई हील्स पहनने के बहुत सारे नुकसान, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से हाई हील्स पहनने के कुछ फायदे भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने मित्रों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। 

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आज के आर्टिकल में हमने आपको हाई हील्स पहनने के नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सबसे पहले स्पष्टीकरण दिया। फिर, हाई हील किसे कहते हैं, हाई हील्स के शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव, हाई हील्स किनको पहननी पड़ती है, कुछ सावधानियां और हाई हील्स पहनने के बहुत सारे नुकसान, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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