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काली गर्दन साफ करने के उपाय – Ways to Clear Black Neck in Hindi

काली गर्दन साफ करने के उपाय

स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग में। दोस्तो, शर्ट, साड़ी या किसी भी कपड़े पर कैसा ही भी दाग, थब्बा पड़ जाए तो वह उस कपड़े की सुन्दरता को खराब कर देता है। यही बात स्किन पर भी लागू होती है। स्किन का रंग तो अंडरआर्म्स, ग्रोइन एरिया, कोहनी और एड़ी का भी डार्क हो जाता है मगर स्किन का वह हिस्सा जो आमतौर पर दिखाई देता है जैसे कि गर्दन यदि वह काला पड़ जाए तो यह निश्चित तौर पर यह उस व्यक्ति की सुन्दरता को खराब कर रहा है। यह उस व्यक्ति की सुन्दरता पर निगेटिव इफैक्ट है और उसके व्यक्तित्व पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। आखिर ये गर्दन का कालापन है क्या और क्या हैं इसे साफ़ करने के उपाय? दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “काली गर्दन साफ करने के उपाय”। 

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आपको गर्दन के कालेपन के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बताएगा कि इसका उपाय क्या हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि गर्दन का कालापन क्या है। फिर इसके बाद बाकी बिंदुओं पर जानकारी देंगे।

गर्दन का कालापन क्या है? – What is Black Neck

दोस्तो, गर्दन का काला पड़ जाना एक सामान्य समस्या है जो अक्सर ज्यादा समय तक धूप में रहने, पसीना, मैल जमने, बढ़ती आयु, मोटापा प्रदूषित वातावरण आदि की वजह से होता है। वस्तुतः गर्दन का कालापन, पिगमेंटेशन डिसऑर्डर है जिसे मेडिकल भाषा में एनेथोसिस नाइग्रिचन्स (Acanthosis Nigricans) कहते हैं। 

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एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स वह स्थिति है जहां मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से मेलेनिन त्वचा पर जमा हो जाता है, इसके फलस्वरूप गर्दन, अंडरआर्म्स और ग्रोइन क्षेत्र की त्वचा काली पड़ जाती है। इस स्थिति में त्वचा के रंग में बदलाव आता है यह सामान्यतः मोटापे या डाइबिटीज से ग्रस्त व्यक्तियों में होता है। यह बच्चों में टाइप 2 डाइबिटिज विकसित होने का जोखिम बन सकता है। 

यह पेट या लिवर में कैंसर ट्यूमर का चेतावनी की ओर संकेत दे सकता है। अंडरआर्म्स और प्राइवेट पार्ट्स् के कालेपन पर हम अपने पिछले आर्टिकल में विस्तार से जानकारी दे चुके हैं। इस आर्टिकल में हम केवल गर्दन के कालेपन पर फोकस करेंगे। अंडरआर्म्स पर विस्तार से जानकारी के लिए हमारा पिछला आर्टिकल “अंडरआर्म्स का कालापन दूर करने के उपाय” पढ़ें।

काली गर्दन होने के कारण – Cause of Black Neck

गर्दन काली पड़ जाने के निम्नलिखित कारण होते हैं – 

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1. सन एक्सपोजर (Sun Exposure) – सन एक्सपोजर यानि कि अधिक समय तक सूरज की धूप के संपर्क में रहना। इससे चेहरे पर टेनिंग बनती है और टेनिंग से गर्दन की त्वचा का रंग काला पड़ जाता है।

2. एटॉपिक डर्मेटाइटिस (Atopic Dermatitis) – यह त्वचा से संबंधित त्वचा विकार है जिसके लिए धूल और पराग से एलर्जी जिम्मेवार होती हैं। एटॉपिक डर्मेटाइटिस एक प्रकार का एक्जिमा है जिसमें त्वचा लाल हो जाती है और खुजली होती है। इसमें गर्दन पर खुजली के साथ दाने भी प्रकट होते हैं।  

3. फंगल इंफेक्शन

4. लाइकेन प्लेनस पिगमेंटोसस यानि ऑटोइम्यून विकार जिसमें त्वचा पर चकत्ते बन जाना, खुजली होना और त्वचा का रंग बैंगनी होना और पपड़ी जम जाना।

5. मोटापा

6. डाइबिटीज

7. प्रदूषित वातावरण

8. खराब गुणवत्ता वाले सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद 

9. कृत्रिम गहने

10. रसायनों के संपर्क में आना।

काली गर्दन होने के लक्षण –  Symptoms of Black Neck

काली गर्दन हो जाने पर निम्नलिखित लक्षण प्रकट होते हैं –

  1. गर्दन की त्वचा का रंग काला पड़ जाना
  2. त्वचा पर लालिमा भी छा सकती है।
  3. त्वचा पर खुजली लगना
  4. गर्दन पर फैट जम जाना
  5. त्वचा से बदबू आना

ये भी पढ़ें- प्राईवेट पार्ट का कालापन दूर करने के उपाय

गर्दन साफ रखने के कुछ टिप्स – Some Tips to Keep Your Neck Clean

अब बता रहे हैं आपको कुछ निम्नलिखित टिप्स जिनको अपनाकर गर्दन को काला होने से बचा सकते हैं –

1. आप अपना वजन कंट्रोल करें। इसके लिए योग, ध्यान, प्राणायाम, व्यायाम, मॉर्निंग वॉक करें और संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें। जंक फूड, एल्कोहल, धूम्रपान, ड्रग्स आदि को अवॉइड करें। कहने का तात्पर्य है कि वजन कंट्रोल करने के लिए जीवन शैली में बदलाव करना होगा।

2. जब-जब भी आप अपना चेहरा धोएं तब अपनी गर्दन भी धोएं। ऐसा करने से गर्दन पर धूल मिट्टी नहीं जमेगी। 

3. रोजाना नहाते समय गर्दन को 5-7 मिनट स्क्रब करें।

4. त्वचा को हाइड्रेटेड रखें और तेज धूप से बचाकर रखें।

5. जब भी आप धूप में बाहर निकलें, सनस्क्रीन का उपयोग करें। यह त्वचा के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करते हुए सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाती है।

6. सनस्क्रीन के साथ ही प्राकृतिक ब्राइटनिंग स्किन क्रीम का भी उपयोग करें। 

7. रात में सोने से पहले रोजाना गर्दन पर मॉइस्चराइजर लगाएं। इसके लिए एलोवेरा का उपयोग कर सकते हैं। नहाने के बाद भी गर्दन पर मॉइस्चराइजर लगाएं तो बेहतर होगा।

8. गले में बहुत भारी भरकम चीज ना पहनें। इससे गर्दन पर घर्षण होता है जिससे त्वचा पर रेशेज पड़ सकते हैं और त्वचा में लालिमा आ सकती है।

9. स्ट्रीट मार्केट या पटरी बाजार से कृत्रिम गहना, चैन आदि खरीद कर ना पहनें। इनसे एलर्जी होने की संभावना रहती है।

10. महीने में एक बार बादाम का तेल गुनगुना करके गर्दन पर लगाकर मालिश करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहेगा। 

काली गर्दन साफ करने के घरेलू उपाय – Home Remedies to Clear Black Neck

दोस्तो, अब बताते हैं आपको कुछ निम्नलिखित घरेलू उपाय जिनको अपनाकर गर्दन का कालापन दूर किया जा सकता है – 

1. बेकिंग सोडा (Baking Soda)- बेकिंग सोडा एक ऐसी वस्तु है जो बाजार में सरलता से मिल जाती है। बेकिंग सोडा प्राकृतिक रूप से त्वचा की गहराई से गंदगी साफ करता है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को भी दूर करता है। 

तीन हिस्सा बेकिंग सोडा में एक हिस्सा पानी मिलाकर अच्छे से गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को गर्दन पर लगाकर छोड़ दें। लगभग 15-20 मिनट बाद गीले हाथ से धीरे-धीरे गर्दन को स्क्रब करें और फिर साफ़ पानी से धो लें। यह प्रक्रिया आप सप्ताह में दो या तीन दिन कर सकते हैं।

2. एलोवेरा जेल (Aloe Vera Gel)- एलोवेरा में जरूरी फैटी एसिड, विटामिन-सी तथा कई खनिज मौजूद होते हैं जो त्वचा को हाइड्रेट रखने और पोषण देने का काम करते हैं। एलोवेरा की पत्ती काटकर और छीलकर ताजा जेल निकाल लें। इस जेल को गर्दन पर लगाकर थोड़ी देर स्क्रब करें और 15 मिनट तक के लिए छोड़ दें। 15 मिनट बाद पानी से धो लें। इस प्रक्रिया को रोजाना कर सकते हैं।

3. मुल्तानी मिट्टी (Multani Mitti)- प्राचीन काल से आज तक सौंदर्य प्रसाधनों में प्राकृतिक सम्पदा मुल्तानी मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। यह एक ऐसी प्राकृतिक सम्पदा है जिसमें मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, क्वार्ट्स, सिलिका, कैल्साइट तथा डोमोलाइट जैसे खनिज उपस्थित होते हैं।

ये गुण त्वचा और बालों की समस्या को दूर कर अपूर्व सौंदर्य प्रदान करते हैं। मुल्तानी मिट्टी पाउडर में थोड़ा सा गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को गर्दन पर लगाकर 15-20 मिनट तक छोड़ दें। बाद में गर्दन को ठंडे पानी से धो लें। 

ये भी पढ़ें- मुल्तानी मिट्टी के फायदे

4. सेब का सिरका (Apple Vinegar)- सेब का सिरका में मौजूद एसिड डिसइंफेक्टेंट के तौर पर काम करते हुए त्वचा से मृत कोशिकाओं को रिमूव करने का काम करता है। दो चम्मच सेब का सिरका लेकर इसमें दो चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर अच्छे से पेस्ट बना लें। 

इसमें से बुलबुले निकलने से बंद होने के बाद यह पेस्ट गर्दन पर लगाकर छोड़ दें। थोड़ी देर के बाद जब यह सूख जाए तो गर्दन, पानी से धो लें। इसे हफ्ते में दो या तीन दिन कर सकते हैं।

5. ओट स्क्रब (Oat Scrub)- तीन चम्मच ओट्स पाउडर में थोड़ा सा गुलाब जल और एक या दो टमाटर का गूदा मिलाकर अच्छी तरह से पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को गर्दन पर लगाकर छोड़ दें। 15-20 मिनट बाद गीले हाथ से गर्दन को धीरे-धीरे स्क्रब करें और फिर ठंडे पानी से धो लें। या ओट्स पाउडर में थोड़ी सी छाछ मिलाकर पेस्ट बनाकर गर्दन पर लगायें और 15-20 मिनट बाद गर्दन ठंडे पानी से धो लें। इसे सप्ताह में दो-तीन बार कर सकते हैं।

6. पपीता (Papaya)- पपीता में पपैन नामक एंजाइम भरपूर मात्रा में होता है जो त्वचा के गहरे रंग को हल्का करने, दाग धब्बे मिटाने का काम करता है और साथ ही त्वचा को प्राकृतिक रंग प्रदान करता है। पपीता का उपयोग निम्न प्रकार कर सकते हैं –

(i) कच्चा पपीता – कच्चा पपीता छीलकर मसल लें, इसमें हल्का सा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को गर्दन पर लगाकर छोड़ दें। 20 मिनट बाद गर्दन सादा पानी से धो लें। इसे एक हफ्ते में दो बार कर सकते हैं। 

(ii) पका पपीता – पका हुआ पपीता छीलकर इसे मसल लें। इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को गर्दन पर लगाकर छोड़ दें। इसके सूखने पर गर्दन हल्के गुनगुने पानी से धो लें। इसे भी हफ्ते में दो बार कर सकते हैं। 

7. खीरा (Cucumber)- खीरा के गुण मृत कोशिकाओं को त्वचा से हटाकर त्वचा में प्राकृतिक रंग लाने का काम करता है। खीरा को काटकर, पीसकर इसमें आधा चम्मच शहद मिला दें या शहद के स्थान पर थोड़ा सा गुलाब जल मिला दें या एक चम्मच नींबू का रस मिला कर पेस्ट बना लें। 

इस पेस्ट को गर्दन पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें।15 मिनट बाद गीले हाथ से धीरे-धीरे गर्दन पर स्क्रब करें। फिर ठंडे पानी से धो लें।

8. आलू का रस (Potato Juice)- आलू में कैटेकोलेस नाम का एंजाइम मौजूद होता है जो त्वचा का कालापन दूर करने का काम करता है। आलू में एंटीइरिटेंट गुण भी होते हैं जो त्वचा में जलन को शांत करते हैं। 

आलू काट कर पीसकर इसका रस निकाल लें। इस रस को रूई की मदद से गर्दन पर लगाकर मालिश करें। 10 मिनट के बाद गर्दन को ठंडे पानी से धो लें। आप इसे रोजाना कर सकते हैं।

9. दही और हल्दी (Curd and Turmeric)- दही प्राकृतिक रूप से त्वचा को निखारने का काम करती है तो हल्दी आयुर्वेदिक औषधियों की खान। हल्दी क्षतिग्रस्त त्वचा की रिपेयरिंग का काम करती है त्वचा में रंगत लाती है। त्वचा रोगों के उपचार के लिए हल्दी बेहतरीन उपाय है। 

सौंदर्य प्रसाधनों में भी हल्दी का उपयोग किया जाता है। एक या दो बड़े चम्मच दही में एक चौथाई (1/4) चम्मच हल्दी पाउडर मिला लें। साथ ही इसमें एक चम्मच नींबू रस मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को गर्दन पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में गर्दन गुनगुने पानी से धो लें।

10. नींबू और गुलाब जल (Lemon and Rose Water)- नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड एक प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट के रूप में काम करता है। नींबू में उपस्थित विटामिन-सी, त्वचा से मृत कोशिकाओं को हटाने और त्वचा का रंग निखारने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता है।

केवल नींबू का रस गर्दन पर लगाकर छोड़ दें, मगर सीधे तौर पर सूरज की धूप में जाने बचें।  20 मिनट के बाद गर्दन ठंडे पानी से धो लें। यदि सेंसिटिव स्किन है तो नींबू के रस में एक चम्मच गुलाब जल मिलाकर इस्तेमाल करें। 

ये भी पढ़ें- गुलाब जल के फायदे

11. नींबू और शहद (Lemon and Honey)- नींबू के बारे में तो हमने ऊपर बता ही दिया कि सिट्रिक एसिड एक प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट के रूप में काम करता है। यह धब्बों को हल्का करने का काम करता है। विटामिन-सी त्वचा को निखारने का काम करता है। 

अब रही शहद की बात, तो शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को बैक्टीरिया से बचाता है और शहद एक अच्छे मॉइश्चराइजर के रूप में काम करता है। नींबू और शहद मिलाकर गर्दन पर लगाएं और 15 मिनट बाद गर्दन ठंडे पानी से धो लें।

12. नींबू रस और ऑलिव ऑयल (Lemon Juice and Olive Oi)- नींबू में प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण होते हैं और ऑलिव ऑयल में एंटीऑक्सीडेंट गुण। ऑलिव ऑयल पौष्टिकता से भरपूर होता है। ऑलिव ऑयल त्वचा को हाइड्रेट रखता है और इसे कोमल बनाता है। नींबू रस और ऑलिव ऑयल बराबर की मात्रा में लेकर मिला लें। इस मिश्रित तेल को रोजाना सोने से पहले गर्दन पर लगाकर मालिश करें। त्वचा का रंग बदलने लगेगा।

13. बेसन दूध या दही (Gram Flour Milk or Curd)- बेसन में सुपर क्लींजिंग गुण होते हैं जो मृत त्वचा को हटाकर चमक लाने का काम करते हैं। बेसन में दूध या दही मिलाकर पेस्ट बनाकर गर्दन पर लगाकर छोड़ दें। आधा घंटे बाद पानी से साफ़ कर लें।

14. बेसन, हल्दी, दही और शहद (Gram flour, Turmeric, Curd and Honey)- इस सबके गुणों के बारे में हम ऊपर बता चुके हैं। इन सब की एक-एक चम्मच मात्रा लेकर अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण को गर्दन पर लगाकर छोड़ दें। जब यह सूख जाए तो गर्दन को ठंडे पानी से धो लें और मॉइश्चराइजर लगा लें।

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको गर्दन के कालेपन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। गर्दन का कालापन क्या है?, काली गर्दन होने के कारण, काली गर्दन होने के लक्षण और गर्दन साफ़ रखने के कुछ टिप्स, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से काली गर्दन साफ़ करने के बहुत सारे घरेलू उपाय भी बताए। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा।

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको गर्दन के कालेपन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। गर्दन का कालापन क्या है?, काली गर्दन होने के कारण, काली गर्दन होने के लक्षण और गर्दन साफ़ रखने के कुछ टिप्स, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
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