दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो, हमारे शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो हमें भोजन से प्राप्त होती है। भोजन में अनेक पोषक तत्व होते हैं जैसे प्रोटीन, वसा, खनिज, विटामिन आदि। ये हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिये अति आवश्यक होते हैं।  इनकी कमी से हम बीमार पड़ जाते हैं। फिर डॉक्टर इनकी कमी को पूरा करने के लिये सप्लीमेंट्स देते हैं। जहां तक विटामिन्स की बात है, तो ये कई प्रकार के होते हैं। इनमें  एक विटामिन ऐसा होता है कि जिसका सप्लीमेंट्स लेने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि इसकी पूर्ती फल और सब्जियों से हो जाती है। दोस्तो, हम बात कर रहे हैं विटामिन सी की, जिसकी कमी या अधिकता से हमारा शरीर अस्वस्थ हो जाता है। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “विटामिन-सी के फायदे और नुकसान”। इस लेख के माध्यम से देसी हेल्थ क्लब आपको विटामिन सी के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि विटामिन सी लेने के क्या फायदे होते हैं और क्या नुकसान। सबसे पहले हम जानते हैं विटामिन सी के बारे में कि यह क्या होता है।

विटामिन-सी के फायदे

विटामिन सी क्या है? – What is Vitamin C?

विटामिन सी, मनुष्य के लिये आवश्यक और महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जिसे एल-एस्‍कोर्बिक एसिड, एस्‍कोर्बिक एसिड या एल-एस्‍कोर्बेट के नाम से भी जाना जाता है। यह विटामिन पानी में घुलनशील होता है और इसका भण्डारण (Storage) करके नहीं रखा जा सकता। शरीर में विटामिन सी अपने आप नहीं बनता बल्कि फल-सब्जियों के माध्यम से शरीर में इसकी पूर्ति को बनाये रखना होता है। विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर में फ्री रेडिकल्‍स से होने वाली क्षति को कम करता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी अपनी महत्वपूर्ण सकारात्मक भूमिका निभाता है।

विटामिन सी के कार्य – Function of Vitamin C

1. विटामिन सी का मुख्य काम शरीर की मौलिक रासायनिक क्रियाओं में यौगिकों का निर्माण करके और उन्हें सहयोग करना है जैसे तंत्रिकाओं तक संदेश पहुंचाना और कोशिकाओं तक ऊर्जा प्रवाहित करना।

2. कोलाजन का निर्माण करना, एल-कार्निटिन और कुछ न्यूरोट्रांसमीटर्स का उत्पादन करना। कोलाजन संयोजी ऊतकों (Connective tissues) का प्रमुख घटक (Component) है जो स्तनपायी जीवों में पाया जाता है। विटामिन सी संयोजी ऊतकों को बेहतर बनाने का काम करता है और जोड़ों को सपोर्ट प्रदान करता है। 1% से 2% मांसपेशी ऊतक कोलेजन से बने होते हैं। यह टेंडन, लिगामेंट, त्‍वचा, कॉर्निया, कार्टिलेज, हड्डियों, पेट और रक्‍त वाहिकाओं जैसे फाइब्रस ऊतकों का प्रमुख घटक है। यह प्रोटीन को बचाने में अपनी भूमिका निभाता है। कोलाजन के द्वारा शरीर में कुल जरूरत का 25 से 35% प्रोटीन का निर्माण करता है। विटामिन सी का एंटीऑक्‍सीडेंट प्रभाव कुछ विशेष प्रकार के कैंसर के खतरे को भी कम कर देता है।

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3. विटामिन सी त्वचा की गुणवत्ता में सुधार कर त्वचा के स्वास्थ को बनाये रखता है।

4. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

विटामिन सी की कमी के लक्षण – Symptoms of Vitamin C Deficiency

  1. शारीरिक कमजोरी और थकान

2. अचानक वजन बढ़ना

3.जोड़ों में दर्द और सूजन

4. मूसड़ों से खून आना

5. नाक से खून आना

6. त्वचा पर नील के निशान

7. त्वचा में रूखापन

8. कमजोर इम्यून सिस्टम

9. बार-बार इन्फेक्शन होना

10. एनीमिया

11. बालों का झड़ना

विटामिन सी के स्रोत – Sources of Vitamin C

आंवला, टमाटर, अंगूर, नारंगी, नींबू , बेर, केला, अमरूद, संतरा, सेब, ,पपीते, स्ट्रॉबेरी, अनानास, कीवी और आम मुनक्का, कटहल, शलगम, मूली के पत्ते, चौलाई, पालक, हरी और लाल शिमला मिर्च, ब्रोकली, बंदगोभी, पुदीना, हरा धनिया,  चुकंदर, भीगी हुई दालें (सूखी दालों में विटामिन-सी नहीं होता, केवल भीगने पर ही पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी मिल जाता है)।

विटामिन सी कितना खाना चाहिए – How much Vitamin C Should be Eaten

दोस्तो, विटामिन सी कितना लेना चाहिये यह निर्भर करता है लिंग, आयु और स्वास्थ्य की स्थिति पर कि आपको विटामिन सी की दैनिक जरूरत कितनी है। वैसे डॉक्टरों के अनुसार सामान्यतः विटामिन सी की दैनिक मात्रा निम्न प्रकार है –   

1. शिशु – जन्म से 6 महीने के उम्र – लगभग 40 मि.ग्रा.  

2. बच्चा – 9 से 13 वर्ष – लगभग 45 मि.ग्रा. 

3. पुरुष – 14 से 18 वर्ष – लगभग 75 मि.ग्रा.

4. महिला- 14 से 18 वर्ष – लगभग 65 मि.ग्रा.

5. पुरुष – 19 से 50 वर्ष – लगभग 90 मि.ग्रा. 

6. महिला – 19 से 50 वर्ष – लगभग 75 मि.ग्रा. 

7. गर्भवती महिला –  लगभग 85 मि.ग्रा. 

8. स्तनपान कराने वाली महिला – लगभग 120 मि.ग्रा.

विटामिन सी के फायदे – Benefits of Vitamin C

1. रक्त वाहिकाओं की संरचना (Structure of Blood Vessels)- विटामिन सी के कारण ही शरीर में रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) की संरचना (Structure) होती है। इन रक्त वाहिकाओं को विटामिन सी के द्वारा ही मजबूती मिलती है। ये रक्त वाहिकाऐं त्वचा तक प्रोटीन को पहुंचने में मदद करती हैं।

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2. त्वचा के स्वास्थ्य के लिये (Skin Health)- त्वचा के स्वास्थ्य के लिये विटामिन सी का सेवन बहुत जरूरी है। विटामिन सी निम्न प्रकार से हमारी त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखता है –

(i)  उम्र बढ़ने के साथ-साथ में हमारे शरीर में ग्लाइकोसअमिनोग्लाइकन्स (Glycosaminoglycans) की कमी होती जाती है जिसके कारण त्वचा शुष्क होने लगती है।  विटामिन सी इस समस्या से राहत पहुंचाता है। यह त्वचा की शुष्कता को ठीक करता है और इसमें नमी बनाए रखता है जिससे त्वचा नर्म और मुलायम बनी रहती है। इसमें पाये जाने वाला एप्रिकॉट ऑइल त्वचा को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है।

(ii) विटामिन सी त्वचा पर एंटी एजिंग प्रभाव छोड़ता है। यह त्वचा में कसावट लाता है, चेहरे और आंखों पर पड़ने वाली झुर्रियों को रोकने में मदद करता है। इस प्रकार विटामिन सी बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में सक्षम होता है। यह शरीर के सबसे छोटे सेल को एकजुट करके रखता है। 

(iii) प्रदूषित वातावरण और सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के कारण त्वचा के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। कई बार तो सूरज की तेज गर्मी से त्वचा झुलस जाती है। डीएनए, फोटोकेमिकल प्रक्रिया के कारण  खराब होने लगता है। विटामिन सी इन सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। 

3. इम्यूनिटी मजबूत बने (Make Immunity Strong)- रोग प्रतिरक्षा प्रणाली एक नेटवर्क सिस्टम के तहत काम करता है। यह हमें अनेक  संक्रमणों और बीमारियों से बचाता है। यह बैक्टीरिया को पहचान कर उसे खत्म देता हे। हमारी रोग प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्युनिटी जितनी स्ट्रोंग होगी, बीमारियों से हम उतना ही दूर रहेंगे। विटामिन सी इम्युनिटी को बढ़ाने और मजबूत करने का काम करता है। इसके लिये भोजन में विटामिन सी युक्त फल और सब्जियों को शामिल करें। 

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4. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिये (Bone Health)-  वैसे तो हड्डियों के लिये कैल्शियम और फाइबर की आवश्यकता होती है परन्तु विटामिन सी भी हड्डियों जुड़े विकारों को ठीक करने और उनको मजबूती देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता है। हड्डी संबंधित किसी रोग के उपचार में डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन सी का सेवन करें।

5. दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखें (Keep Teeth and Gums Healthy)- विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा से हड्डियों के साथ-साथ दांतों और मसूड़े भी स्वस्थ रहते हैं। विटामिन सी के सेवन से मसूड़ों में खून आने, सूजन आदि की संभावना नहीं रहती। 

6. जोड़ों का दर्द (Joint Pain)- विटामिन सी कोलेजन नामक प्रोटीन का उत्पादन करता है जो दर्द से राहत दिलाता है। कोलेजन और काटिर्लेज की कमी या इनके क्षतिग्रस्त होने या बढ़ती उम्र या किसी इंफेक्शन की वजह से अक्सर जोड़ों में दर्द की समस्या रहती है। विटामिन सी के सेवन से जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है।

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7. घाव जल्दी भरे (Wounds Heal)- घाव के उपचार में डॉक्टर भी विटामिन सी सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। विटामिन सी में बहुत अच्छी हीलिंग पावर होती है, जो घाव को जल्दी भरने में मददगार होती है। विटामिन सी के एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर के घावों को जल्दी भरने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। 

8. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करे (Control Cholesterol)- विटामिन सी के नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित किया   जा सकता है। यह अच्छे वाले कोलेस्ट्रॉल HDL को बढ़ा कर खराब वाले LDL कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।

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9. हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे (Control High Blood Pressure)- एक शोध के बताती है कि विटामिन सी हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। विटामिन सी के सेवन से बढ़ता हुआ ब्लड प्रेशर कम होकर सामान्य स्तर पर आ सकता है।

10. हृदय रोग (Heart Disease)- विटामिन सी में पाये जाने वाले  एंटीऑक्सीडेंट हृदय स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। विटामिन सी कोशिकाओं में रक्त के बहाव को सामान्य बनाए रखता है। यह रक्त कोशिकाओं में कोलेस्ट्रॉल को जमने नहीं देता और यह धमनियों को क्षतिग्रस्त होने से बचाव करता है जिससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक की संभावना कम हो जाती है। 

11. अस्थमा में फायदेमंद (Beneficial in Asthma)- विटामिन सी एक्यूट रेस्पिरेटरी  संक्रमण के प्रभाव को रोकने में मदद करता है। विटामिन सी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फेफड़ों की सफाई करने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। विटामिन सी, अस्थमा के कारक हिस्टामाइन के उत्पादन को कम करता है जिससे अस्थमा और श्वसन प्रणाली की समस्या से राहत मिलती है। 

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12 .कैंसर से बचाव (Cancer Prevention)- विटामिन-सी के शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से मुक्त करके अनेक बीमारियों जैसे किडनी, लिवर, हृदय रोग, से बचाने के साथ-साथ कैंसर से भी बचाव करने में मदद करते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर के कारक से लड़ने में मदद करते हैं। ये कोशिकाओं और डीएनए में होने वाले उस परिवर्तन से भी रक्षा करते हैं, जो कैंसर पैदा कर सकता है। 

13. एलर्जी से बचाव (Allergy Prevention)- विटामिन सी में पाये जाने वाला एंटीहिस्टामाइन तत्व एलर्जी से बचाव करने में मदद करता है। विटामिन सी का नियमित सेवन, सामान्य सर्दी में भी शरीर को स्वस्थ बनाये रखता है।

14. तनाव (Stress)- विटामिन सी मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखता है, यह स्ट्रेस फाइटिंग एड्रिनेलिन का स्राव करके आपको तनाव मुक्त रखने में मदद करता है। 

विटामिन सी की कमी से होने वाले नुकसान – Side Effects of Vitamin C Deficiency

दोस्तो यह तो हम जान ही चुके हैं कि हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है जो हमें अनेक बीमारियों से बचाती है। यदि विटामिन सी की कमी हो जाये तो शरीर पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है जिससे हो सकते हैं निम्नलिखत नुकसान – 

1. फेफड़ों में कमजोरी

2. सांस लेने में कठिनाई

3. जोड़ों में दर्द 

4. हड्डियों का कमजोर हो जाना

5. आंख, कान व नाक के रोग

6. आंखों में मोतियाबिंद 

7. खून का बहना

8. मुंह से बदबू आना  

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9. मसूड़ों से खून या मवाद आना

10. सर्दी, जुकाम, खांसी

11. त्वचा रोग 

12. एलर्जी

13. पेट में अल्सर 

14. पाचन तंत्र का कमजोर हो जाना

15. भूख न लगना

16. श्वेत प्रदर (लिकोरिया)

विटामिन सी ज्यादा लेने के नुकसान – Side Effects of Taking too much Vitamin C

दोस्तो, यदि शरीर में विटामिन सी कमी हो जाये तो क्या नुकसान हो सकते हैं, ये हमने ऊपर समझा। यदि विटामिन सी का सेवन ज्यादा कर लिया जाये तो भी हो सकते हैं निम्नलिखित नुकसान:-

1. गुर्दे में पथरी बन सकती है।

2. पेट खराब रह सकता है।

3. डायरिया की समस्या हो सकती है।

Conclusion – 

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको विटामिन-सी के फायदे के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विटामिन सी क्या होता है, इसके क्या कार्य होते हैं, इसके क्या श्रोत होते हैं, इसकी कमी के क्या लक्षण होते हैं, इसे आयु के अनुसार कितना लेना चाहिये, इस बारे में विस्तार पूर्वक बताया। इस लेख के माध्यम से विटामिन सी के फायदे बताये और शरीर में इसकी कमी होने और ज्यादा लेने के नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer – यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर या लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको विटामिन-सी के फायदे के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विटामिन सी क्या होता है, इसके क्या कार्य होते हैं, इसके क्या श्रोत होते हैं, इसकी कमी के क्या लक्षण होते हैं, इसे आयु के अनुसार कितना लेना चाहिये, इस बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
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1 Comment

Shiv Kumar Kardam · June 3, 2021 at 11:19 am

Good Article

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