दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक है खुबानी खाने के फायदे । जी हां, खुबानी एक ऐसा फल जो सूखे मेवे की श्रेणी में भी आता है। यह पीले और नारंगी रंग का छोटे आकार का आड़ू की तरह दीखने वाला सुन्दर फल है। इसका छिलका नरम लेकिन हल्का सा खुरदुरा होता है। इसका स्वाद मीठा पर हल्की सी खटास लिये होता है। इस फल ने अपने स्वाद और सूखे मेवे के रूप में विश्व में प्रसिद्धि पायी है। 

वैज्ञानिक इसकी उत्पत्ति आर्मेनिया में मानते हैं तो कई विशेषज्ञ भारत में 3,000 वर्ष पूर्व इसकी खेती होने का दावा करते हैं। खुबानी का पेड़ मध्यम आकार का  लगभग 8-12 मीटर तक लम्बा होता है और पत्ते व टहनियां व घने फैले हुए होते हैं। 

विश्व में खुबानी की पैदावार सबसे ज्यादा तुर्की में होती है। खुबानी की पैदावार में फिर ईरान दूसरे नम्बर पर आता है। भारत और पाकिस्तान में भी खुबानी की पैदावार बहुत होती है। चूंकि पह ठंडे क्षेत्र का पौधा है इसलिये हमारे देश भारत के पहाड़ी राज्यों में इसकी पैदावार होती है जैसे कि कश्मीर, हिमाचलप्रदेश और उत्तराखण्ड।  

कश्मीर और हिमाचल के कई इलाक़ों में सूखी ख़ुबानी को किश्त या किष्ट कहते हैं। प्राचीनकाल में कश्मीर का एक क्षेत्र सूखी खुबानियों के लिए बहुत प्रसिद्ध था इसीलिये उस क्षेत्र का नाम किश्तवार पड़ गया।  

खुबानी खाने के फायदे

खुबानी के गुण – Properties of Apricots

1. खुबानी की तासीर गर्म होती है लेकिन इसे किसी भी मौसम में खाया जा सकता है।

2. खुबानी को फल के रूप में ही नहीं अपितु सूखे मेवे के तौर पर भी खाया जाता है।

3. खुबानी का उपयोग ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनने में भी किया जाता है जैसे फेस क्रीम, फेस स्क्रब आदि।

4. खुबानी खनिज पदार्थ, पोषक तत्वों और विटामिन्स की खान है।

5. एक कप कटी खुबानी के सेवन से 60% तक विटामिन-ए की कमी को पूरा कर सकता है।

पोषक तत्वों का विवरण (मात्रा प्रति 100 ग्राम):-

कैलोरी 48 kcal

ऊर्जा 201 किलोजूल

प्रोटीन 1.4 ग्राम

फैट 0.39 ग्राम

कार्बोहाइड्रेट 11.12 ग्राम

कोलेस्टेरॉल 0 मिलीग्राम

फाइबर 2 ग्राम

शुगर 9 ग्राम

सोडियम 1 मिलीग्राम

कैल्शियम 13 मिलीग्राम

आयरन 0.39 मिलीग्राम

मैग्नीशियम 10 मिलीग्राम

मैगनीज 0.077 मिलीग्राम

फास्फोरस 23 मिलीग्राम

पोटैशियम 259 मिलीग्राम

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जिंक 0.2 मिलीग्राम

कॉपर 0.078 मिलीग्राम

सेलेनियम 0.1 माइक्रोग्राम

विटामिन-सी 10 मिलीग्राम

थियामिन 0.03 मिलीग्राम

राइबोफ्लेविन 0.04 मिलीग्राम

नियासिन 0.6 मिलीग्राम

फोलेट 9 माइक्रोग्राम

बीटा कैरोटिन 1094 माइक्रोग्राम

विटामिन-ए IU 1926 IU

विटामिन-बी6,   0.24 मिलीग्राम

विटामिन-ई 0.89

विटामिन-के 3.3 माइक्रोग्राम

फैटी एसिड टोटल, सैचुरेटेड 0.027 ग्राम

फैटी एसिड टोटल, मोनोअनसैचुरेटेड 0.17 ग्राम

फैटी एसिड टोटल, पोलीअनसैचुरेटेड 0.077 ग्राम

खुबानी खाने के फायदे – Benefits of Apricot

1. एनीमिया को दूर करे (Anemia)- खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाये तो शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाती। यह कमी होती है आयरन की कमी के कारण। इसे एनीमिया कहते हैं। एनीमिया की कमी अधिकतर महिलाओं में होती है। शरीर में आयरन और फोलेट की कमी होने के कारण एनीमिया की समस्या हो जाती है। खुबानी में भरपूर मात्रा में आयरन होता है। इसके अतिरिक्त फोलेट और कॉपर की भी पर्याप्त मात्रा होती है जो लाल रक्त सैल का निर्माण करने में मदद करते हैं, हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है। खून बनने लगता है और इस तरह एनीमिया की समस्या खत्म हो जाती है। 

2. पाचन क्रिया के लिए (Digestion Process)- खुबानी में फाइबर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है जो पाचन प्रणाली के कार्य में सहायता करता है जिससे भोजन सही से पच जाता है। यह शरीर से मल त्याग कार्य में भी सहायक होता है। यह पेट में गैस की समस्या को दूर कर कब्ज जैसी बीमारी से छुटकारा दिलाता है। अतः कब्ज से परेशान व्यक्तियों के लिये तो खुबानी का सेवन बेहद फायदेमंद है। जब पाचन प्रणाली सही से काम करेगी तो पेट से सम्बंधित समस्यायें  अपने आप समाप्त हो जायेंगी।

3. वजन कम करने के लिए (Lose weight)- खुबानी का सेवन, विशेषकर सूखे खुबानी का सेवन, वजन कम करने में मददगार हो सकता है। इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है। इसमें पाये जाने वाला फाइबर सेटाइटी (Satiety) नामक हार्मोन को जारी (Release) करता है जिससे पेट भरा-भरा सा रहता है और बार बार खाने का मन नहीं करता और वजन बढ़ने की संभावना कम हो जाती है। 

वैसे एक रिसर्च के अनुसार  वजन कम करने के लिए इसके जूस के बजाय साबुत फल खाना चाहिये और सूखे खुबानी अधिक मात्रा में खाने से बचना चाहिये।

4. आंखों के लिये फायदेमंद (Eyes)- मैक्यूलर डिजनेरेशन (Macular degeneration) आंखों की एक गंभीर समस्या होती है जिसमें रेटिना क्षतिग्रस्त होने लगता है और दृष्टि धीरे धीरे कम होने लगती है। वैसे भी 40 वर्ष की आयु के बाद दृष्टि कमजोर होने लगती है। यह सब बीटा कैरोटीन नामक तत्व की कमी के कारण होता है। खुबानी में बीटा कैरोटीन की प्रचुर मात्रा होती है जो  आंखों को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है। खुबानी में मौजूद विटामिन ए, सी और ई, नेवस्कुलर एज़ (Neovascular Age) से संबंधित मैक्यूलर डिजनेरेशन (Macular Degeneration) और मोतियाबिंद के खतरे को कम करते हैं। 

5. हृदय को स्वस्थ रखे (Heart)- खुबानी का सेवन हृदय स्वास्थ का सबसे उत्तम विकल्प है। इसमें पाये जाने वाला विटामिन-सी, एक एंटीऑक्सीडेंट और फेनोलिक कंपाउंड, एक फाइटोकैमिकल दोनों मिलकर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके काॅर्डियो प्रोटेक्टिव प्रभाव छोड़ते हैं। एथेरोस्लेरोसिसिस, स्ट्रोक्स और अन्य प्रकार के हृदय समस्याओं से बचाकर हृदय की रक्षा करते हैं। विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हुऐ दिल को मुक्त कणों से सुरक्षा करता है और पोटेशियम रक्त वाहिकाओं और धमनियों के तनाव को खत्म करके उच्च रक्तचाप को कम करता है। साथ ही कोलेस्ट्रॉल को नियन्त्रित करने में फाइबर मदद करता है। अतः खुबानी के सेवन से हृदय को सुरक्षा मिलती है।

6. डायबिटीज में फायदेमंद (Diabetes)- खुबानी को लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों की श्रेणी में रखा गया है। इसमें  क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है जो खून में ग्लूकोज के अवशोषण को नियंत्रित करता है और डायबिटीज को दूर करने में मददगार होता है। अतः खुबानी का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिये बहुत फायदेमंद हो सकता है। 

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7. द्रव संतुलन को बनाये रखे (Fluid Balance)- खुबानी की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि 100 ग्राम की मात्रा में  86।35 ग्राम पानी होता है जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है लेकिन यदि शरीर में द्रव का संतुलन बिगड़ जाये तो ओवरहाइड्रेशन और डिहाइड्रेशन की समस्या बन जाती है। शरीर में द्रव संतुलन पोटेशियम और सोडियम इन दो खनिज पदार्थों पर निर्भर करता है। खुबानी में इन दो खनिज पदार्थों की पर्याप्त मात्रा होती है जो पानी के साथ मिलकर शरीर में द्रव संतुलन बनाये रखते हैं। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के रूप में काम करते हैं जिससे शरीर के सभी अंगों को और मांसपेशियों को ऊर्जा मिलती रहती है।

8. अस्थमा में लाभदायक (Asthma)- खुबानी का सेवन श्वास सम्बंधी समस्याऐं, अस्थमा, फेफड़ों आदि में बहुत ही लाभदायक होता है। खुबानी के तेल की प्रकृति अस्थमा निवारण वाली होती है। इसके गुण फेफड़ों और श्वास प्रणाली पर दबाव और तनाव को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। खुबानी में मौजूद लाइकोपीन कैरोटीनॉयड कंपाउंड शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव छोड़ता है।  यह प्रभाव अस्थमा को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। 

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9. कान दर्द में लाभकारी (Ear ache)- खुबानी के गुणों में एनाल्जेसिक अर्थात् दर्द निवारक गुण भी होता है जो कान के दर्द में आराम दिला सकता है। खुबानी के तेल की कुछ बूंदें कान में डालने से राहत मिल जायेगी। इस तेल में एंटीऑक्सिडेंट सामग्री पर्याप्त मात्रा में पाई जाती है। 

10.सूजन में फायदेमंद (Swelling)- खुबानी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर पर किसी भी प्रकार की सूजन को समाप्त करने में समर्थ होता है। इसके बीज के अंदर का भाग भी पेट की सूजन को कम करने में मददगार हो सकता है।

11. रक्तचाप को नियन्त्रित करे (Control BP)- खुबानी में पोटेशियम और मैग्नीशियम की प्रचुर मात्रा होती है। इसके अतिरिक्त इसमें सोडियम और फाइबर की भी पर्याप्त मात्रा होती है। पोटेशियम शरीर के जल संतुलन को बनाये रखने के लिये  सोडियम के साथ काम करता है और सामान्य रक्तचाप को बनाये रखने में मदद करता है। खुबानी में मौजूद मैग्नीशियम, फास्फोरस, जस्ता, तांबा, मैंगनीज, आयरन और कैल्शियम जैसे तत्व लाल रक्त कोशिकाओं के लिये और रक्तचाप को नियन्त्रित करने के लिए काम करते हैं। अतः रक्तचाप की समस्या के लिए भी खुबानी का सेवन लाभदायक है। 

12. गर्भावस्था में फायदा (Pregnancy)- गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को स्तनपान कराने वाली माताओं को भरपूर पोषक तत्वों वाले भोजन की आवश्यकता होती है। जिससे महिला और शिशु दोनों का स्वास्थ बना रहे।  भोजन में खुबानी को सम्मलित करना बहुत ही लाभदायक है। खुबानी में पोटेशियम कैल्शियम फास्फोरस, आयरन आदि पोषक तत्वों के अतिरिक्त विटामिन्स की भरमार होती है। ये प्रतिदिन चार खुबानी खा सकती हैं। लेकिन फिर भी डॉक्टर से सलाह लेकर ही खुबानी का सेवन करें। 

13. लिवर के स्वास्थ के लिये (Healthy Liver)– एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक रिसर्च से पता चलता है कि  धूप में सूखी हुई ऑर्गेनिक खुबानी भी लिवर को दुबारा से काम करने लायक बना सकती है। खुबानी में हेपाटोप्रोटेक्टिव गुण होता है जो लीवर को खराब होने से बचाने में मदद करता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके लिवर को सुरक्षा प्रदान करता है। 

14. बुखार में फायदेमंद (Fever)- एक रिसर्च के अनुसार खुबानी में एंटीपायरेटिक (Antipyretic) गुण पाये जाते हैं जो  बुखार को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह बुखार पीड़ित मरीज के शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और आवश्यक कैलोरी, विटामिन, खनिज पदार्थों व पोष्क तत्वों की पूर्ती करता है। और शरीर की अनेक कार्य प्रणालियों और अंगों का डिटॉक्सिफ़िकेशन करता है। 

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Desi Health Club बुखार की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह देता है।

15. अल्सर में फायदेमंद (Ulcer)- एक रिसर्च के अनुसार खुबानी के बीज के अंदर का खाद्य भाग यानी कर्नेल के अर्क में पेक्टिन (Pectin) फाइबर होता है जो इसे अल्सर से बचाव के लिए प्रभावी माना गया है। और इस इस बात की भी पुष्टि हुई है कि कर्नेल अर्क में एंटी-अल्सरेटिव और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो अल्सर और उसकी वजह से होने वाली सूजन को कम कर सकते हैं। चूंकि खुबानी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो फ्री-रेडिकल्स को शरीर से बाहर निकालने का काम करते हैं। इन फ्री-रेडिकल्स की वजह से ही शरीर में अल्सर बन सकता है।

16. हड्डियों को स्वस्थ बनाये (Bones)- हड्डियों के स्वास्थ और विकास के लिये कैल्शियम, फास्फोरस, मैंगनीज, आयरन और कॉपर जैसे खनिजों की आवश्यकता होती है। खुबानी और सूखी खुबानी में इन सभी खनिजों की पर्याप्त मात्रा होती है। ये खनिज ऑस्टियोपोरोसिस जैसे अस्थि रोग व अन्य अस्थि समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं।

17. त्वचा के लिए फायदेमंद (Skin)- खुबानी का सेवन त्वचा के लिये बहुत फायदेमंद होता है। खुबानी में खनिज पदार्थों के साथ साथ विटामिन-सी और नियासिन (विटामिन बी-3) भी पाये जाते हैं। विटामिन-सी दाग-धब्बे हटाकर त्वचा की सफाई करता है। विटामिन-सी अपना एंटी-एजिंग प्रभाव छोड़ता है अर्थात् उम्र के बढ़ने की गति को कम करता है। चेहरे की झुर्रियां भी कम हो जाती हैं। आप अपनी वास्तविक उम्र से कम नजर आते हैं। यह सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से त्वचा की रक्षा करता है। नियासिन प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है जो त्वचा में नमी बनाये रखता है। खुबानी तेल त्वचा की देखभाल के लिए अच्छा होता है।  इसको त्वचा जल्दी से अवशोषित (Absorbed) कर लेती है और तेल की वजह से त्वचा चिपचिप नहीं करती। खुबानी के एंटीऑक्सिडेंट्स त्वचा को मुक्त कणों के प्रभाव से बचाते हैं। 

18. बालों के लिये फायदेमंद (Hair)- खुबानी का सेवन बालों के लिये भी बहुत फायदेमंद होता है। राइबोफ्लेविन, विटामिन-सी और जिंक की कमी के कारण बालों की जड़ें कमजोर होती हैं और बाल गिरने शुरू हो जाते हैं। खुबानी में ये तीनों तत्व होते हैं जो बालों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। इसके अतिरिक्त खुबानी में मैग्नीशियम, फास्फोरस जैसे पोषक तत्वों के साथ साथ विटामिन-सी और विटामिन-ई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत कर, बालों को बढ़ने में मदद करते हैं। खुबानी के सेवन से बालों का झड़ना बंद हो जाता है। 

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19. रूसी दूर करे (Dandruff )- खुबानी का तेल बालों में रूसी की समस्या से छुटकारा दिलाता है। इसे बालों में लगाकर लगभग आधा घंटे के लिये छोड़ दें। फिर शैम्पू से सिर को अच्छी तरह से धो लें। हफ्ते में 2-3 बार खुबानी के तेल को सिर में लगायें। 

20. सेक्स ड्राइव बढ़ाये (Sex Power)- विटामिन-ई को सैक्स विटामिन भी कहा जाता है। खुबानी में विटामिन-ई की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है जो सैक्स ड्राइव को बनाये रखता है और प्रजनन क्षमता को भी बढ़ाता है। इसमें मौजूद ऐब्ससिस एसिड सैक्स हार्मोन्स को बनाये रखता है। प्रतिदिन 6 से 8 खुबानी खाई जा सकती हैं। 

खुबानी के नुकसान – Side Effects of Apricot

वैसे तो खुबानी खाने के कोई विशेष नुकसान तो नहीं है परन्तु हो सकते हैं ये नुकसान –

1. कुछ लोगों को हो सकती है एलर्जी। 

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2. खुबानी के बीज को नहीं खाना चाहिये। इससे हृदय सम्बंधी समस्या हो सकती है। इसमें विषाक्त पदार्थ होता है। 

3. बच्चों को विषाक्तता हाे सकती है।

4. सूखी खुबानी को अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिये। इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की समस्या बन सकती है। 

5. डायबिटीज के मरीजों को सूखी खुबानी खाने से बचना चाहिये। 

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको खुबानी के बारे में जानकारी दी। खुबानी के गुणों के बारे में बताया। और साथ ही खुबानी खाने के फायदे और नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

Disclaimer- यह लेख केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर उत्तरदायी नहीं है।  कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

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