दोस्तो, आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर। हमारा आज का टॉपिक है 32 डायमन्ड्स की चमक। जी हां, हम बात कर रहे हैं उन 32 हीरों की जो होते तो हर किसी के पास हैं लेकिन हर कोई उनकी चमक को बरकरार नहीं रखता। और नतीजा उनकी चमक खो जाती है। उन पर पीलापन जम जाता है। अब तो आप समझ ही गये हैं कि हम बात कर रहे हैं दांतों की। दांतों के पीलेपन की, जो दाग़ हैं सुन्दर और मोहक मुस्कान पर और खिलखिलाहट भरी हंसी पर। आज के लेख में हम आपको यही बतायेंगे कि दांतों का पीलापन क्या होता है, इसके क्या कारण होते हैं और इस पीलेपन को दूर करने के लिये क्या देसी उपाय हैं। क्योंकि जब घर पर ही देसी उपायों से ये पीलापन हट सकता है तो फिर बाहर किसी दन्त विशेषज्ञ के पास जाकर महंगा उपचार क्यों करवाना। तो, सबसे पहले जानते हैं कि दांतों का पीलापन क्या होता है?

दांतों का पीलापन

दांतों का पीलापन क्या होता है? – What is yellowing tooth

हम जो कुछ खाते हैं, उस भोजन के रस की चिपचिपी परत हमारे दांतों पर मैल के रूप में जमती है। इस मैल को प्लाक (Plaque) कहा जाता है। शुरु में यह परत रंगहीन होती है। इस मैल की परत में बैक्टीरिया होते हैं जो दांंतों में सड़न और मसूड़ों के रोग उत्पन्न करते हैं। इसलिये भोजन के पश्चात इस परत को साफ करना बहुत जरूरी होता है। यदि दांतों की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो गंदगी और ज्यादा जमा होती चली जाती है और बाद में यही परत पीले रंग की होकर, एकदम कठोर हो जाती है। इसको कैलकुलस (Calculus) कहा जाता है। इसी को दांतों का पीलापन कहते हैं।

कुप्रभाव – Effects

दांतों के इसी कैलकुलस में बैक्टीरिया होते हैं जो डालते हैं निम्नलिखित कुप्रभाव :-

1. सबसे बड़ा कुप्रभाव तो यही है कि दांत बदसूरत हो जाते हैं जिससे आपको खिलखिला कर हंसने में भी लज्जा आती है। 

2. दांतों की गंदगी से उत्पन्न बैक्टीरिया भोजन में से एसिड बनाते हैं। ये एसिड दांतों के एनेमल (Enamel), जो दांतों की ऊपरी परत होती है, उस पर अपना कुप्रभाव छोड़ते हैं।  जिसके फलस्वरूप दांतों में कैविटी (Cavity) बनने लग जाती है, अर्थात् दांतों में छेद बनने लगते हैं।

3. मसूड़ों के ऊतकों में सूजन, लालिमा, जलन होने जाती है और दांतों में दर्द रहने लगता है।

4. सूजन व दर्द की वजह से जिंजीवाइटिस (Gingivitis) और मसूड़ों से संबंधित अन्य प्रकार के रोग होने की संभावना बन जाती है।

5. मसूड़े क्षतिग्रस्त होने पर लाल रंग के हो जाते हैं और खून आना शुरु हो जाता है। 

6. ठंडे और गर्म खाद्य/पेय पदार्थों के प्रति सेंसिटिविटी होना, दांतों का हिलना, सड़न, टूटना आदि।

7. गंदगी के कारण मुंह से बदबू आने की समस्या हो जाती है।

8. सांसों में भी बदबू आनी शुरु हो जाती है।

9. दांतों में पायरिया लग जाना। 

10. गंदगी से उत्पन्न बैक्टीरिया रक्त के माध्यम से हृदय तक पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिती में हृदय रोग या हृदय आघात (Heart Attack) का खतरा बन सकता है।

दांतों के पीलेपन का कारण – Cause of Yellowing Tooth

दांतों के पीलेपन के निम्नलिखित कारण होते हैं –

1. दांतों की सफाई में लापरवाही बरतना अर्थात् नियमित रूप से सफाई ना करना, या सही तरीके से ब्रश न करना। नतीजा दांतों का पीलापन बढ़ना और कमजोर होकर टूट जाना। 

2. हॉर्मोनल (Hormonal) बदलाव।

3. खैनी, गुटका, पान, तंबाकू का सेवन।

4. धूम्रपान। यह बहुत बड़ा कारण है दांतों के पीलेपन का कठोर होते चले जाना।

5. शराब का सेवन।

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6. ऐसे खाद्य/पेय पदार्थों का सेवन करना जिनमें टैनिक एसिड की उच्च मात्रा हो जैसे रेड वाइन।

7. चाय, कॉफी का अधिक सेवन।

8. सॉफ्ट ड्रिंक्स, कोल्ड ड्रिंक, सोडा का अधिक सेवन करना।

9. जानकारी के बिना दांतों को साफ करने के लिये कैमिकल्स का प्रयोग करना।

10. विटामिन-डी की कमी होने के कारण भी दांतों पर पीलापन आ जाता है।

11. कीमोथेरेपी के कारण भी दांतों पर पीलापन आ जाता है। या कोई अन्य मेडिकल इलाज का प्रभाव भी पड़ सकता है।

12. उच्च रक्तचाप व अस्थमा की दवाइयों का भी प्रभाव दांतों के पीलेपन को बढ़ा देता है।

13. अधिक फ्लोराइड के कारण दांतों में पीलापन आ जाता है। यह प्रभाव केवल 8 साल की उम्र तक होता है क्योंकि इसी उम्र में दांत विकसित होते हैं। जब पीने के पानी और भोजन में फ्लोराइड की मात्रा 22 एमजी प्रति लीटर और इससे अधिक हो जाती है तब डेंटल फ्लोरोसिस होता है। दंत फ्लोरोसिस बच्चे के दांतों पर ही प्रभाव डालता है बड़ों के नहीं।

दांतों का पीलापन हटाने के देसी उपाय – Home Remedies of Yellowing Tooth

दोस्तो, देसी हैल्थ क्लब आपको बताना चाहता है कि यदि एक बार दांतों का मैल कैलक्युलस में बदल जाये तो इसे फ्लॉसिंग या ब्रश की सहायता से हटाया नहीं जा सकता। इसके लिये डेन्टिस्ट और उसके विशेष उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन देसी हैल्थ क्लब आपको बता रहा है कुछ निम्नलिखित देसी उपाय जिनकी मदद से आप दांतों के पीलेपन से छुटकारा पा सकते हैं – 

1. नीम (Azadirachta Indica)- दोस्तो, नीम की दातुन से दांतों को साफ करना हमारे देश भारत की पुरानी परम्परा रही है। टूथब्रश टूथपेस्ट/टूथपाउडर के उत्पादन से पहले गांवों और शहरों  में नीम की दातुन का प्रयोग होता था या फिर सरसों के तेल में नमक मिलाकर दांतों को साफ किया करते थे। आज भी कुछ लोग, शहरों में भी, नीम की दातुन को ही पसंद करते हैं। नीम एंटी-बैक्टीरियल होता है। यह एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है, दांतों को सड़ने से रोकता है, दांतों में कैविटी भी नहीं होती और इससे मुंह की बदबू से भी राहत मिलती है। नीम की दातुन की उपलब्धता ना होने के कारण, विशेषकर शहरों में, नीम के तेल का उपयोग कर सकते हैं। नीम के तेल को टुथपेस्ट के साथ मिलाकर ब्रश किया जा सकता है।

 2. संतरा (Orange)- दोस्तो, संतरा, विटामिन-सी का बहुत अच्छा श्रोत है। फल की उपयोगिता के अतिरिक्त इसका छिलका भी बहुत उपयोगी होता है। संतरे के छिलके को सुखाकर (हो सके तो छाया में सुखायें) इसका बारीक पाउडर बना लें और इसे मलमल/सूती कपड़े में छानलें ताकि पाउडर में खुरदुरापन ना रहे। इस पाउडर से सुबह और रात को सोने से पहले दांतों पर रगड़ें। इस पाउडर को ब्रश की सहायता से भी दांतों पर रब (Rub) कर सकते हैं। दोस्तो, संतरे के छिलके में कैल्शियम और विटामिन सी पाया जाता है। कैल्शियम दांतों को मज़बूत बनाने में सक्रिया भूमिका निभाता है तो विटामिन-सी बैक्टीरिया को खत्म करता है। संतरे में मौजूद ब्रोमेलैन एंजाइम दांतों को सफेद करता है और यह एंटीबैक्टीरियल व एंटीमाइक्रोबियल के तौर काम करता है। इसके नियमित सेवन से बहुत थोड़े ही दिनों में इसका सक्रिय प्रभाव देखने को मिलेगा।

संतरे के छिलके के पाउडर का उबटन त्वचा के लिये – 

दोस्तो, देसी हैल्थ क्लब संतरे के छिलके के पाउडर की एक और उपयोगिता के बारे में बताता है कि इस पाउडर में बेसन और हल्दी मिलाकर उबटन बना सकते हैं। यह उबटन त्वचा रोगों में फायदेमन्द होता है। वैसे भी त्वचा में चमक आती है और रंग भी साफ हो जाता है। छोटे बच्चों के लिये तो यह बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके उपयोग से बरसात के दिनों में फोड़े  फुंसियों की संभावना नहीं रहती। इस उबटन को नवजात शिशुओं को भी लगा सकते हैं। थोड़ी देर बाद शिशु को नहला दें। बच्चे का सांवला रंग भी साफ होकर गोरा हो जायेगा क्योंकि शिशु का रंग कच्चा होता है जो आसानी से बदल जाता है।

3. नींबू (Lemon)- नींबू भी संतरे की तरह विटामिन-सी का भरपूर श्रोत होता है। इसमें प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण होते हैं जो दांतों की सफाई करते हैं।  नींबू के छिलके को ऐसे ही दांतों पर रब (Rub) करें। दांतों पर चमक आ जायेगी। खाना खाने के बाद नींबू के छिलके को उपयोग जरूर करें। नियमित रूप से करने पर दांतों की पीली परत भी हट जायेगी।  नींबू के रस में थोड़ा सा नमक मिलाकर दांतों पर रगड़ने से भी दांतों की पीली परत हट जायेगी।  हां, नींबू के रस और नमक के पेस्ट को थोड़ी देर दांतों पर लगे रहने दें। बाद में कुल्ला कर लें। इससे सांसों की बदबू भी खत्म हो जायेगी। 

4. बेकिंग सोडा और नींबू का रस (Baking Soda and Lemon)- बेकिंग सोडा में भी ब्लीचिंग गुण होते हैं जो दांतों को सफेद और चमकदार बनाते हैं और साथ ही साथ पीलेपन की परत को हटाने में मदद करते हैं। एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर अच्छी तरह पेस्ट बनालें। इस पेस्ट को टूथब्रश पर लगाकर दांतों पर अच्छे से ब्रश करें और कुल्ला कर लें। इस पेस्ट को दांतों पर एक मिनट से ज्यादा ना लगा रहने दें वरना यह एनेमल (Enamel) को नुकसान पहुंचा सकता है। बेकिंग सोडा में नींबू के रस के अतिरिक्त सेब का सिरका भी मिला सकते हैं। 

5. नमक (Salt)- नमक भी दांत साफ करने का परम्परागत उपाय रहा है। नमक में एक्सफोलिएंट गुण होते हैं जो दांतों की सफाई करने का काम करते हैं और कीटाणुओं को भी ख़त्म करते हैं। कुछ टूथपेस्टों में नमक इसीलिये मिलाया जाता है। नमक में तीन चार बूंद सरसों का तेल मिलाकर ब्रश किया जा सकता है या उंगली से धीरे धीरे दांतों पर मसाज कर सकते हैं। याद रखिये नमक के साथ सरसों का तेल का अधिक मिश्रण मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। नमक और नींबू के रस के मिश्रण से दांतों पर उपयोग के बारे में देसी हैल्थ क्लब ऊपर बता चुका है।

6. हल्दी (Tarmeric)-  हल्दी एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सिडेंट, एंटीमाइक्रोबियल, हेपेटोप्रोटेक्टिव, इम्युनोस्टिमुलेंट, एंटीसेप्टिक और एंटीमुटाजेनिक जैसे गुणों से सम्पन्न होती है। हल्दी पाउडर के दांतों पर उपयोग से दांत और मसूड़े मजबूत होते हैं और बैक्टेरिया भी खत्म हो जाता है। हल्दी पाउडर से ब्रश करें ओर तीन चार मिनट बाद कुल्ला कर लें। इसके जल्दी ही अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे और पीलापन खत्म हो जायेगा।

7. हल्दी और सरसों का तेल (Tarmeric and Mustard oil)- हल्दी पाउडर में थोड़ा सा सरसों का तेल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को उंग्ली या ब्रश की सहायता से दांतों पर धीरे-धीरे मसाज करें। इस पेस्ट का नियमित रूप से उपयोग करें। बहुत जल्दी पीलापन खत्म हो जायेगा। दांत भी मोतियों जैसे सफेद और चमकदार हो जायेंगे। 

8. तेज पत्ता (Bay leaf)- तेज पत्ता दांतों के लिये बहुत फायदेमंद होता है। इसमें कैल्शियम और विटामिन-सी की भरपूर मात्रा होती है।  विटामिन-सी जैसे टैनिन मसूड़ों के टिश्यू में कसाव लाकर मसूड़ों को स्वस्थ बनाये रखते हैं। तेज पत्ते का एसेंशियल ऑयल मुंह के स्टैफिलोकॉकस ऑरियस नामक बैक्टीरिया से लड़कर बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है। तेज पत्ता को बहुत बारीक पीस कर दांतों पर मंजन के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। या तेज पत्ता को जलाकर इसकी राख से मंजन करें। दांतों के पीलेपन में कमी आयेगी। 

9. गाजर (Carrots)- गाजर में विटामिन-ए की पर्याप्त मात्रा होती  है जो दांतों की परत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। गाजर दांतों के पीलेपन को खत्म करने और उन्हें साफ करने और चमकदार बनाने में सक्रिय भूमिका निभाती है।  गाजर को छीलकर, छोटे-छोटे टुकड़ों को काटकर नींबू के रस में डुबोकर दांतों पर मसाज करें। चार पांच मिनट बाद कुल्ला कर लें। इसे दिन में दो बार करें। कुछ दिन बाद फर्क नजर आ जायेगा। 

10. तरबूज (Watermelon)- तरबूज में मैगनीज, जिंक, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्‍शियम और आयो‍डीन की पर्याप्त मात्रा होती है जो दांतों को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक हैं। तरबूज से दांतों की चमक बढ़ती है। तरबूज खाने के अलावा इससे दांतों पर मसाज करें। इससे दांतों की चमक बढ़ेगी और पीलापन भी खत्म हो जायेगा।

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11. अनानास (Pineapple)- अनानास को भी खायें और इसके टुकड़ों से दांतों की मसाज करें। इसमें पाये जाने वाला ब्रोमेलेन नामक तत्व दांतों की सफेदी बढ़ाने का काम करता है।

12. सेब (Apple)- सेब प्राकृतिक रूप से स्क्रबिंग का काम करता है। इसमें मैलिक एसिड होता है जो मुंह में ज्यादा मात्रा में लार बनता है। यह लार दांतों का पीलापन ख़त्म करने और उनको चमकदार बनाने में सक्रिय भूमिका निभाती है। सेब के सेवन से दांतों का पीलापन खत्म होता है। रोजाना दो सेब अच्छी तरह चबाकर खायें। दांतों की सफाई नियमित रूप से होती रहेगी।

13. सेब के सिरका (Apple vinegar)- सेब के सिरका से ब्रश करने से दांतों पर जमा कालापन समाप्त हो जायेगा। इससे दांतों का एसिड भी खत्म हो जायेगा। दांतों को मजबूती मिलेगी। यह दांतों का पीलापन खत्म करके उन्हें चमकदार बना देगा। सेब का सिरके दांतों को ब्लीच करने के लिये एक अच्छा विकल्प है। इसमें पाये जाने वाला निकोटीन, कैफीन के असर को खत्म कर दांतों को सफेद बनाता है। 

14. स्ट्रॉबेरी (Strawberry)- स्ट्रॉबेरी भी दांतों के स्वास्थ के लिये बहुत लाभकारी है। इसमें मैलिक ऐसिड प्राकृतिक इन्जाइम होता है जो दांतों के पीलेपन दूर करके प्राकृतिक तौर पर  सफेद बनाने का काम करता है। स्ट्रॉबेरी का फाइबर मुंह से  बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद करता है। स्ट्रॉबेरी के टुकड़ों को काटकर उन पर थोड़ा बेकिंग सोडा छिड़क कर दांतों पर मसाज करें। या खाली स्ट्रॉबेरी के टुकड़े मुंह में थोड़ी देर रखें और बाद में ब्रश कर लें। 

15. केला (Banana)- केले के छिलके के सफेद वाले हिस्से को दांतों पर तीन चार मिनट तक अच्छी तरह से रगड़ें फिर रोजाना की तरह ब्रश करलें। दांतों का पीलापन हट जायेगा। केले के छिलके में मैंगनीज और पोटेशियम पाये जाते हैं जो दांतों की गंदगी को खत्म करने में मदद करते हैं और दांतों को सफेद और चमकदार बनाते हैं।

16. तुलसी के पत्ते (Basil)- तुलसी के पत्तों में एंटी बैक्टेरियल गुण होते हैं जो दांतों को चमकदार बनाने में मदद करते हैं।  तुलसी के पत्तों को सुखाकर इसके पाउडर में थोड़ा सा नमक मिलाकर दांतों पर रगड़ें। चाहें तो तुलसी के खाली पाउडर से ही दांतों पर मन्जन के रूप में इस्तेमाल करें। दांतों का पीलापन खत्म हो जायेगा और प्राकृतिक तौर पर  सफेद हो जायेंगे।

Conclusion

दोस्तो, आज के लेख में हमने आपको दांतों के पीलेपन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। दांतों का पीलापन क्या होता है? दांतों के पीलेपन के क्या कुप्रभाव होते हैं और इसके क्या कारण होते हैं ये सब बताया। दोस्तो, हमने आपको इस लेख के माध्यम से दांतों के पीलेपन से छुटकारा पाने के बहुत सारे देसी उपाय भी बताये। आशा है आपको ये लेख अवश्य पसन्द आयेगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और  सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर करें। ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, हमारा आज का यह लेख आपको कैसा लगा, इस बारे में कृपया अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health- Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।

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