Advertisements

दोस्तो, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। दोस्तो,  जहां तक बात फलों की है तो आज के समय में लोगबाग फल खाना कम पसंद करते हैं बल्कि फलों का जूस निकालकर पीना ज्यादा पसंद करते हैं। फल खाने के तो फायदे होते ही हैं, फलों का जूस  पीने के बहुत फायदे होते हैं। इनमें कुछ फल ऐसे होते हैं जो गर्मियों में आपको शीतलता देते हैं और आपके स्वास्थ को बनाये रखने में मदद करते हैं। ऐसा ही एक फल है जो आपके शरीर को शीतल रखता है और हर मौसम में शरीर को स्वस्थ रखता है। इसको काट कर देखो तो ऐसा लगता है आपको देख कर मुस्कुरा रहा हो और आप इसको देखकर मुस्कुरा देते हैं कि यह कितना सुंदर है। जी हां, हम बात कर रहे हैं अनार की। यदि एक गिलास अनार का जूस रोजाना पीया जाये कभी शरीर में खून की कमी नहीं होगी और आपका शरीर स्वस्थ रहेगा।  इसके अनेक फायदे हैं। दोस्तो, यही है हमारा आज का टॉपिक “अनार का जूस पीने के फायदे”

देसी हैल्थ क्लब इस आर्टिकल के माध्यम से आज आपको अनार के बारे में विस्तार से जानकारी देगा और यह भी बतायेगा कि अनार का जूस पीने के क्या फायदे हैं। तो, सबसे पहले जानते हैं कि अनार क्या होता है, अनार की खेती कहां होती है और यह कितने प्रकार का होता है। फिर इसके बाद बाकी बिन्दुओं पर जानकारी देंगे।

Advertisements
अनार का जूस पीने के फायदे
Advertisements

अनार क्या होता है? – What is Pomegranate? 

अनार एक ऐसा फल है जिसे आयुर्वेद में चमत्कारी फल कहा गया है क्योंकि इसका उपयोग अनेक बीमारियों के उपचार में किया जाता है। अनार का केवल फल ही उपयोगी नहीं है बल्कि पूरा वृक्ष ही लाभकारी होता है। अनार का रस, अनार के बीज (अनार दाना), अनार का छिलका, अनार के फूल, पत्ते, छाल सभी, अनेक बीमारियों के उपचार में काम आते हैं। अनार का वानस्पतिक नाम प्यूनिका ग्रेनेटम (Punica granatum) है जिसे अंग्रेजी में Pomegranate कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि अनार के बारे में सबसे पहले रोमन भाषियों ने पता लगाया, वे इसे ज्यादा बीज वाला सेब कहते थे। शोधकर्ताओं के अनुसार यह फल लगभग 300 वर्ष पुराना है।

यहूदी धर्म में इसे जननक्षमता का प्रतीक माना जाता है, जबकि भारत व अन्य देशों में अनार ने स्वास्थ्य संबंधी गुणों के कारण प्रसिद्धि पाई है। अनार का पौधा 3 से 4 वर्ष में पेड़ का रूप ले लेता है जो छोटे आकार का, लगभग पांच मीटर का होता है। अनार के पेड़ पर लाल रंग का बड़ा फूल आता है जिसकी सुंदरता हरी पत्तियों के बीच और बढ़ जाती है। अनार का पेड़ लगभग 25 वर्ष तक फल देता है। अनार के फल में सैकड़ों की संख्या में लाल रंग के छोटे-छोटे दाने होते हैं जिनको बीज सहित खाया जाता है। यदि इन दानों को सुखा लिया जाये तो इसे अनारदाना कहा जाता है। भारत में इसकी प्रसिद्धि का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि हिन्दी भाषा को पढ़ाने के लिये वर्णमाला का प्रथम अक्षर “अ” से अनार पढ़ाया जाता है। 

अनार की खेती कहां होती है? – Where is Pomegranate Cultivated?

1. अनार गर्म प्रदेशों में उगाया जाता है। भारत के महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में अनार की खेती होती है। पश्चिमी हिमाचल प्रदेश, और उत्तराखण्ड की पहाड़ियों पर भी अनार की खेती की जाती है।

Advertisements

2. अफ़गानिस्तान और ईरान में भी अनार की खेती की जाती है।

अनार के प्रकार – Type of Pomegranate

स्वाद के आधार पर अनार की तीन किस्म होती हैं। विवरण निम्न प्रकार है – 

1. देशी अनार – देशी अनार का स्वाद खट्टा-मीठा होता है। 

2. कंधार अनार – ये अनार मीठे और रसीले होते हैं। कंधार के अनार मीठे स्वाद के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। इनका आकार छोटे तरबूज के आकार के जितना बड़ा हो सकता है।

3. काबुली अनार – काबुली अनार को सबसे अच्छा माना जाता है। ये अनार भी स्वाद में बहुत मीठे होते हैं। काबुली अनारों में एक बिना बीज वाला अनार भी होता है बहुत मीठा होता है, इसे बेदाना अनार कहा जाता है। अनार के इस प्रकार में फल की अपेक्षा कली और छिल्के में अधिक गुण पाये जाते हैं। 

अनार के जूस के गुण – Properties of Pomegranate Juice

1. अनार के जूस की तासीर ठंडी होती है।

2. अनार के जूस का स्वाद अनार के स्वाद पर निर्भर करता है यानी यह खट्टा-मीठा भी हो सकता है और मीठा भी।

3. अनार के जूस का लाल रंग एंथोसायनिन के कारण होता है। एंथोसायनिन पौधों में पाया जाने वाला एक रंजक (Pigment) होता है जिसके कारण पौधों के रंग नीले या लाल वर्ण के होते हैं।

4. अनार के जूस प्राकृतिक एस्पिरिन (aspirin) है। यह रक्‍त को कोगुलेट करने और रक्‍त के थक्‍के बनाने से रोकने का कार्य करता है। 

5. अनार के जूस में विटामिन-ए, ​विटामिन-बी3, विटामिन-बी1, विटामिन-बी2, फोलिक एसिड (विटामिन-बी 9)​, विटामिन-सी और विटामिन-ई तथा  कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, आयरन जैसे अनेक खनिज मौजूद होते हैं। 

6. अनार के जूस में एलेजिक एसिड (एक एंटीऑक्सिडेंट पदार्थ) और पुनिसिक एसिड (एक ओमेगा-5 पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड) पाये जाते हैं।  ये कोशिकाओं के पुनर्निर्माण और विकास के लिये लाभकारी और महत्वपूर्ण होते हैं। 

7. अनार के जूस में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं और सौ से भी ज्यादा फाइटोकेमिकल्‍स पॉलीफेनोल्स होते हैं। 

8. अनार के जूस में एंटीऑक्सीडेटिव (मुक्त कणों को नष्ट करने वाले), एंटीएथीरियोजेनिक (धमनियों में फैट को जमने से रोकने वाले), एंटीहाइपरटेंसिव (ब्लड प्रेशर को कम करने वाले), एंटीइन्फ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले), एंटीडायबिटिक ( ब्लड शुगर को कंट्रोल करने वाले), एंटीमाइक्रोबियल (सूक्ष्म बैक्टीरिया को नष्ट करने वाले), एंटीफंगल (फंगस को खत्म करने वाले), एंटीवायरल (वायरस के प्रभाव को कम करने वाले), एंटीप्रोलीफरेटिव (घातक कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने वाले), एंटीट्यूमर (ट्यूमर को बढ़ने से रोकने वाले), एंटीकैंसर (कैंसर के प्रभाव को कम करने वाले) गुण मौजूद होते हैं। 

अनार का जूस कितना पीना चाहिये? – How much pomegranate juice should you drink?

एक्सपर्ट्स के अनुसार अनार का जूस 20 से 40 मिली लीटर पीया जा सकता है। 

अनार का जूस पीने के फायदे – Benefits of Drinking Pomegranate Juice

दोस्तो, अनार का जूस पीने के अनेक फायदे होते हैं। हम कुछ फायदे बता रहे हैं जो निम्न प्रकार हैं –

1. एनीमिया को दूर करे (Cure Anemia)- जब शरीर में आयरन की कमी हो जाये तो लाल रक्त कोशिकाओं का बनना बंद हो जाता है, परिणामस्वरूप शरीर में रक्त की कमी हो जाती है। रक्त की कमी को एनीमिया कहा जाता है। शरीर में रक्त की कमी अक्सर महिलाओं को विशेषकर गर्भवती को होती है। प्रसव के बाद भी यह स्थिति बनी रहती है। अनार के जूस में आयरन की भरपूर मात्रा होती है। एक गिलास अनार का जूस पीने से लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद मिलती है और शरीर में रक्त की कमी पूरी हो जाती है। अनार का जूस पीने का यह सबसे बड़ा फायदा होता है। एनीमिया पर विस्तार से जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल “एनीमिया को दूर करने के घरेलू उपाय” पढ़ें

2. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाये (Strengthen the Immune System)- अनार के जूस में पाये जाने वाले एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण बैक्टीरिया और वायरस से लड़कर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, विशेषकर रूप में मुंह और मसूड़ों में होने वाले रोगाणुओं को कम करने में मदद करते हैं। ये रोगाणु, कैविटी और स्टेफ संक्रमण (staph infection) की वजह बनते हैं। अन्य फलों की तुलना में अनार में एचआईवी संक्रमण के फैलने से रोकने में सबसे ज्यादा क्षमता होती है। अनार के जूस में पाये जाने वाले एंटीमाइक्रोबियल गुण एचआईवी संक्रमण पर लगाम लगाते हैं।  

3. कैंसर के विकास को रोके (Stop the Development of Cancer)- अनार के जूस में एंटीकैंसर गुण मौजूद होते हैं जो कैंसर के प्रभाव को कम करके इसको बढ़ने से रोकते हैं। इसके एंटीऑक्सीडेंट शरीर में विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर सफेद रक्त कोशिकाओं को स्वस्थ बनाये रखते हैं जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत बनती है। प्रतिदिन एक गिलास अनार का जूस पीने से प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं का बढ़ना रुक जाता है। अनार के जूस में पाये जाने वाला “एरोमाटेज़” एंजाइम को रोकता जो एण्ड्रोजन हॉर्मोन को एस्ट्रोजन हार्मोन में बदलने का काम करता है इससे स्तन कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। ब्रेस्‍ट कैंसर पर अधिक जानकारी के लिये हमारा पिछला आर्टिकल ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाव के उपाय” पढ़ें।

4. हृदय को स्वस्थ रखे (Keep Heart Healthy)- खराब कोलेस्ट्रॉल हृदय के लिये हानिकारक होता है। अनार के जूस में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा शून्य होती है और इसमें कोई संतृप्त वसा (saturated fat) भी नहीं होती। इसलिये अनार का जूस हृदय के लिये बहुत फायदेमंद है इसमें कोलेस्ट्रॉल नहीं होता। यह खराब कोलेस्ट्रॉल LDL को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रॉल HDL को बढ़ाने में मदद करता है। यह रक्तवाहिकायों को सूजन कम करता है और उनको लचीला रखता है। इससे हृदय, मस्तिष्क और पूरे शरीर में रक्त प्रवाह निर्बाध गति से बना रहता है और हृदय सुरक्षित रहता है। 

5. पाचन तंत्र को स्वस्थ रखे (Keep Digestive System Healthy)- अनार के जूस में घुलनशील और अघुलनशील आहार फाइबर होते हैं जो  पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं और आँतों के कार्य प्रणाली को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। अनार का भूख में सुधार करता है और प्यास को भी कंट्रोल करने में मदद करता है। 

6. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करे (Control Blood Pressure)- उच्‍च रक्‍तचाप स्वास्थ के लिये हानिकारक होता है। अनार का जूस प्राकृतिक एस्पिरिन के रूप में कार्य करके रक्त को गाढ़ा होने और रक्त के थक्के बनने से रोकने में मदद करता है। यह रक्‍त को पतला करता है जिससे पूरे शरीर में उचित रक्‍त संचार सही बना रहता है। जिन लोगों को उच्च रक्तचाप की समस्या है उनके लिये एक गिलास अनार का जूस अमृत समान है, यह उच्च रक्तचाप को कम करके सामान्य स्तर बनाये रखता है।  

7. डायबिटीज में उपयोगी (Useful in Diabetes)- कई अध्ययनों से इस बात की पुष्टि होती है जिन डायबिटीज के मरीजों ने दो सप्ताह तक अनार का जूस पीया, उनके ब्लड शुगर लेवल में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। इसका सीधा सा अर्थ है कि यह अन्य फलों की भांति ब्लड शुगर लेवल को नहीं बढ़ाता। इसलिये यह डायबिटीज के मरीजों के लिये सुरक्षित पेय माना जाता है। 

8. हड्डियों को मजबूत करे (Strengthen Bones)- ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसा अस्थि रोग है जो हड्डी के जोड़ों की उपास्थि  (cartilage) को नुकसान पहुंचाता है। इसमें हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि हल्का सा झटका या चोट लगने पर टूट जाती हैं। जो एंजाइम कार्टिलेज को हानि पहुंचाते हैं, अनार का जूस उन एंजाइम को नष्ट करने का काम करता है। यह हड्डियों की कार्टिलेज की सूजन को भी कम करता है। बढ़ती उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस को कम/खत्म करने के लिये प्रतिदिन एक गिलास अनार का जूस पीयें। अनार का जूस दांतों पर जमी कैविटी को भी दूर करने में मदद करता है।

9. मस्तिष्‍क स्वास्थ के लिये फायदेमंद (Beneficial to Brain Health)- अनार का जूस ना केवल शारीरिक स्वास्थ के लिये फायदेमंद है बल्कि मस्तिष्‍क स्वास्थ के लिये बहुत फायदेमंद है विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिये। अनार के जूस में मौजूद बहुत से पॉलीफेनॉल, न्‍यूरोप्रोटेक्‍टिव प्रभाव छोड़ते हैं और अल्जाइमर रोग को दूर कर याददाश्‍त को बढ़ाने में मदद करते हैं। अनार का जूस याद रखने की क्षमता में भी सुधार करता है। अतः मस्तिष्‍क के स्वास्थ के लिये प्रतिदिन अनार का जूस पीयें।

10. दस्त में फायदा (Benefit in Diarrhea)- दस्त लगने पर अनार का जूस बहुत फायदेमंद होता है। अनार का जूस डायरिया एंजाइमों के स्राव में अपनी महत्‍वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका निभाता है जो पाचन में सहायक होते हैं। यह अपच संबंधी समस्‍याओं को दूर करता है और आंतों की सूजन को कम करता है। दस्‍त लगने पर एक गिलास अनार के जूस में एक चम्‍मच शहद मिलाकर पीयें, आराम लग जायेगा। 

11. गर्भावस्था में फायदेमंद (Beneficial in Pregnancy)- गर्भवती महिलाओं के लिये प्रतिदिन एक गिलास अनार के जूस का सेवन श्रेष्ठ आहार के रूप में माना जाता है। यह फोलिक एसिड, विटामिन और अन्‍य खनिज पदार्थों से समृद्ध होता है जो गर्भस्थ शिशु के समग्र विकास और गर्भवती महिला के स्वास्थ के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। अनार के जूस में मौजूद पोटेशियम पैरों की ऐंठन को कम कर सूजन को कम करता है। अनार का जूस पीने से गर्भवती महिला में आयरन की कमी नहीं होती और रक्त प्रवाह सही रहता है। गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन एक गिलास अनार का जूस पीना चाहिये इससे स्वयं का कम वजन, बच्चे का कम वजन और समय से पहले शिशु का जन्‍म जैसी समस्याओं की संभावना नहीं रहती।

12. त्वचा के लिये फायदेमंद (Beneficial for Skin)- अनार का जूस त्वचा के स्वास्थ के लिये अत्यंत लाभदायक होता है। इसमें पाये जाने वाला पुनिसिक एसिड त्वचा को हाइड्रेट रखने का काम करता है विशेषकर शुष्क त्वचा को और गर्मियों के दिनों में। यह ऑयली त्वचा के स्वास्थ के लिये भी फायदेमंद होता है। ऑयली त्वचा पर अनार का जूस लगाने से मुंहासे की रोकथाम होती है। अनार का जूस नियमित रूप से पीने से चेहरे की झुर्रियां और फाइन लाइन्स कम हो जाती हैं। झाइयां और काले धब्बे भी मिट जाते हैं।  इस तरह अनार का एक गिलास जूस बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

13. बालों के स्वास्थ के लिये (Hair Health)- बालों के स्वास्थ के लिये भी अनार के जूस के फायदे देखे जा सकते हैं। इसके नियमित रूप से पीने से बालों की जड़ें मजबूत बनती हैं। इससे बालों के टूटने की समस्या खत्म हो जायेगी और बालों में प्राकृतिक चमक आ जायेगी। अनार का जूस पीने के अलावा अनार की छाल का भी उपयोग करने से बालों के स्वास्थ ठीक रहता है। अनार की छाल को 300 मि।ली। नारियल के तेल में लगभग 20 मिनट तक उबालें, फिर ठंडा करके, छानकर रख लें। इस तेल की नियमित रूप से सिर की मालिश करें। इससे डैंड्रफ की समस्या भी नहीं रहेगी और बालों का वक्त से पहले सफेद होना रुक जायेगा। बालों से संबंधित हमारे निम्नलिखित पिछले आर्टिकल पढ़ें

(i)  कम उम्र में बाल सफ़ेद होने से रोकने के उपाय

(ii) बालों को झड़ने से रोकने के उपाय

(iii) डैन्ड्रफ़ हटाने के देसी उपाय

14. यौन समस्याओं में फायदेमंद (Beneficial in Sexual Problems)- महिलाओं और पुरुषों में कई तरह की यौन समस्याऐं होती हैं जिनके कारण उनकी सेक्स लाइफ़ बर्बाद होने लगती है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण इरेक्टाइल टिश्यूज़ की क्षति होती है जिससे प्राइवेट पार्ट में रक्त के प्रवाह में रुकावट आती है और नपुंसकता यानी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या बनती है। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का स्तर कम होने से कामशक्ति और कामेच्छा में कमी आती है। इसी प्रकार कई महिलाओं में भी कामेच्छा की कमी होती है। इन सब समस्याओं के लिये सिर्फ़ एक गिलास अनार का जूस ही काफी है। इसके नियमित रूप से पीने से स्तंभन दोष यानी नपुंसकता से छुटकारा मिल जाता है, टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन के स्तर में वृद्धि होने से काम क्रीड़ा यानी सेक्स ड्राईव में और उनकी कामशक्ति बढ़ोतरी होती है।

इसके सेवन से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है और शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। सूखे हुऐ अनार के छिलकों के पाउडर को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार खाने से या अनार का जूस पीने से स्वप्न दोष का विकार भी दूर होता है। जिन महिलाओं में कामेच्छा जागृत नहीं होती उनको रात का खाना खाने के बाद, बिस्तर पर जाने से लगभग एक घंटा पहले अनार का जूस पीना चाहिये। इससे अनार के जूस में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में खून के प्रवाह के साथ-साथ योनि में भी खून के प्रवाह को बढ़ाते हैं और उत्तेजना को बढ़ाने में अपना प्रभाव डालते हैं। सेक्स से संबंधित हमारे निम्नलिखित पिछले आर्टिकल पढ़ें –

(i)  महिलाओं में कामेच्छा की कमी को दूर करने के देसी उपाय

(ii)  शुक्राणु बढ़ाने के देसी उपाय

(iii) नपुंसकता को दूर करने के देसी उपाय

(iv) स्वप्नदोष दूर करने के देसी उपाय

अनार का जूस पीने के नुकसान – Side Effects of Drinking Pomegranate Juice

दोस्तो, अनार का जूस पीने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। ये नुकसान निम्न प्रकार हैं –

1. इससे कुछ लोगों में एलर्जिक प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं जैसे उल्‍टी, मतली, सांस लेने में दिक्कत, पित्ताशय (Gall Bladder) की समस्‍या आदि। 

2. अनार के जूस के कुछ गुण ब्लड शुगर के लेवल को कम कर सकते हैं। इसलिये डायबिटीज की दवा लेने वाले को अनार का जूस का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिये। 

3. अनार के जूस के कुछ एंटीऑक्सीडेंट ब्लड प्रेशर को कम कर सकते हैं। इसलिये लो ब्लड प्रेशर वालों को या ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले को अनार का जूस का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिये। 

4. तासीर ठंडी होने के कारण इन्फ्लूएंजा, दमा, खांसी वालों को अनार के जूस पीने की सलाह नहीं दी जाती। 

5. कब्ज की समस्या वाले लोगों को भी अनार का जूस पीने की सलाह नहीं दी जाती है।

6. जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं उनको बहुत कम मात्रा में और वह भी कभी-कभी अनार का जूस पीने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसमें कैलोरी अधिक होती है। 

Conclusion – 

दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको अनार का जूस पीने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अनार क्या होता है, अनार की खेती कहां होती है, अनार के प्रकार, अनार के जूस गुण और अनार का जूस कितना पीना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया। देसी हैल्थ क्लब ने इस आर्टिकल के माध्यम से अनार का जूस पीने के फायदे बताये और कुछ नुकसान भी बताये। आशा है आपको ये आर्टिकल अवश्य पसन्द आयेगा। 

दोस्तो, इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई शंका है, कोई प्रश्न है तो आर्टिकल के अंत में, Comment box में, comment करके अवश्य बताइये ताकि हम आपकी शंका का समाधान कर सकें और आपके प्रश्न का उत्तर दे सकें। और यह भी बताइये कि यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और सगे – सम्बन्धियों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें। दोस्तो, आप अपनी टिप्पणियां (Comments), सुझाव, राय कृपया अवश्य भेजिये ताकि हमारा मनोबल बढ़ सके। और हम आपके लिए ऐसे ही Health-Related Topic लाते रहें। धन्यवाद।
Disclaimer – यह आर्टिकल केवल जानकारी मात्र है। किसी भी प्रकार की हानि के लिये ब्लॉगर/लेखक उत्तरदायी नहीं है। कृपया डॉक्टर/विशेषज्ञ से सलाह ले लें।

Summary
अनार का जूस पीने के फायदे
Article Name
अनार का जूस पीने के फायदे
Description
दोस्तो, आज के आर्टिकल में हमने आपको अनार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अनार क्या होता है, अनार की खेती कहां होती है, अनार के प्रकार, अनार के जूस गुण और अनार का जूस कितना पीना चाहिये, इन सब के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।
Author
Publisher Name
Desi Health Club
Publisher Logo